गजरौला। दोहरे हत्याकांड में नामजद अंकुर को 14 साल से मेरठ की पुलिस तलाश कर रही थी। उसने पुलिस को चकमा देकर मेरठ न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया। उसने व उसके दो साथियों ने 2009 में मेरठ के दौराला निवासी पर चाकू से हमला किया था। उसे न्यायालय ने भगोड़ा घोषित किया। गजरौला थाना पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
नौ अक्तूबर की रात गुलालपुर के जंगल में अनिरुद्ध व रतनपाल भाटी की हत्या की गई। जिसमें मेरठ के भड़ौली गांव निवासी अंकुर नामजद है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी को दबिश दे रही थी, मगर हाथ नहीं लगा। उसने पुलिस को चकमा देकर 2009 में दर्ज हुए मामले में मेरठ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। 14 साल पूर्व उसने व उसके साथियों महकार व सेठपाल ने मेरठ के दौराल थाना क्षेत्र में कुशलवीर राठी के साथ मारपीट करते हुए चाकू से हमला कर दिया था। वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। रविंद्र काकरान की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस ने अंकुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसके दोनों साथियों ने आत्मसमर्पण किया। बाद में जमानत पर छूट गया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। जिसके मुकदमे का ट्रायल चल रहा है, मगर अंकुर न्यायालय में तारीख नहीं पहुंचा। उसे वारंटी घोषित करने के बाद भगोड़ा घोषित कर दिया।
उधर गजरौला थाना क्षेत्र में दोहरे हत्याकांड में उसका नाम आया तो पुलिस की घेराबंदी बढ़ती देख उसने मेरठ में आत्मसमर्पण कर दिया। सीओ मंडी धनौरा श्वेताभ भास्कर का कहना है कि पुलिस उसके वारंट बनवा रही है। इसके बाद उसे रिमांड पर लेने जाएगी।
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