गजरौला। एमडीए ने बिना नक्शा पास कराए अवैध रूप से की गई प्लाॅटिंग को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया गया। प्लाॅटिंग तीन भाजपा नेताओं की थी। उन्होंने एमडीए से नक्शा पास कराए बिना ही 24 बीघे में अवैध रूप से प्लाॅटिंग कर डाली। सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की प्लाॅटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती देख सब चौंक गए।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता नृपेश कुमार सिंह तोमर ने बताया कि एमडीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेष कुमार से शिकायत की गई कि गजरौला में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से प्लाॅटिंग की गई है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के निर्देश पर वह बृहस्पतिवार को अपनी टीम साथ लेकर सबसे पहले थाना गजरौला पहुंचे। यहां से उन्होंने पुलिस बल साथ कुमराला चौकी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कुमराला चौकी के बाईं तरफ कृपानाथपुर में डॉ. आशुतोष भूषण शर्मा की नौ बीघा जमीन पर की गई प्लाॅटिंग को जेसीबी से ध्वस्त कराया। डॉ. आशुतोष भूषण शर्मा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह भाजपा से पालिकाध्यक्ष का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई। जिससे वंचित रह गए। इसके बराबर में ही पिंटू भाटी की दस बीघे में की गई प्लाटिंग को जेसीबी से ध्वस्त किया गया। पिंटू भाटी की पत्नी रेशमा दूसरी बार जिला पंचायत सदस्य हैं। इसके बाद एमडीए की टीम को लेकर एई मायापुरी मोहल्ले के निकट धनौरा मार्ग पर पहुंचे। यहां कान्हा गोशाला के गुरुवचन सिंह सिद्धू की पांच बीघे प्लाॅटिंग को ध्वस्त करा दिया। गुरुवचन सिंह सिद्धू भी भाजपा से जुड़े हैं। वह नमामि गंगे के जिला संयोजक हैं।
डॉ. आशुतोष भूषण शर्मा का कहना है कि उन पर बंटवारे में आई जमीन है। जिस पर दीवार कराई थी। उनके द्वारा प्लाटिंग नहीं की गई। उधर, गुरुवचन सिंह सिद्धू का कहना है कि उन्होंने कोई प्लाॅटिंग नहीं की। किसानों ने खुद प्लॉट बेचे हैं।
जब वह अवैध प्लाॅटिंग को ध्वस्त कराते हैं तो यह नहीं देखते कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े व्यक्ति की है या किसी और की। वह अवैध रूप से प्लाॅटिंग किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। -नृपेश कुमार सिंह तोमर, एई, एमडीए गजरौला एवं मुरादाबाद