गजरौला। गजरौला का मास्टर प्लान लागू हो गया। आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग ने मंजूरी दे दी। तिगरी से लेकर ब्रजघाट गंगा पुल के आस पास तक प्राधिकरण का विस्तार किया जाएगा। इलाके के 22 राजस्व ग्राम मास्टर प्लान के दायरे में आ गए हैं। गजरौला क्षेत्र में विकास कार्य होंगे। क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। कहा जाए तो औद्योगिक नगरी में विकास के नए अवसर खुलेंगे।
बीती 24 फरवरी को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के वीसी शैलेष कुमार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मास्टर प्लान-2031 को प्रस्तुत किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया था कि 1995 में विनियमित क्षेत्र घोषित करने के दो साल बाद वर्ष-1997 में गजरौला को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया। मास्टर प्लान वर्ष-2031 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया। जिसमें गजरौला क्षेत्र के आस पास के 22 राजस्व गांव आ रहे हैं। इससे प्राधिकरण का विस्तार तिगरी व ब्रजघाट गंगा पुल तक किया जाएगा। मास्टर प्लान लागू हो जाने से 5113 हेक्टेयर भूमि विकास कार्याें में उपयोग की जाएगी। जिन पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, पार्क आदि बनाए जाएंगे। विकास कार्यों को गति मिलेगी। क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। प्राधिकरण के वीसी शैलेष कुमार मास्टर प्लान लागू किए जाने के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग में लगातार पैरवी कर रहे थे। बुधवार की रात आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3 के अपर मुख्य सचिव रमेश गोकर्ण ने मास्टर प्लान-2031 को मंजूरी दे दी। वीसी ने पुष्टि करते हुए कहा कि बुधवार की रात मास्टर प्लान-2031 को मंजूरी मिल गई है।
यह गांव आए मास्टर प्लान के दायरे में
गजरौला। मास्टर प्लान लागू हो जाने के कारण धनौरा तहसील क्षेत्र के 13 गांव दायरे में आ गए हैं। जिनमें फाजिलपुर गौसाईं, कृपानाथपुर, अहरौला तेजवन, चाकीखेड़ा, तारापुर, मझौला, फौंदापुर, दरियापुर बुजुर्ग, मूसापुर, यकबगड़ी, बस्तौरी माफी, मीरपुर, सलारपुर शामिल हैं। हसनपुर तहसील क्षेत्र के चौबारा, सुल्तानपुर मौलवी, खानपुर, छोया, दाऊदपुर बुजुर्ग, फिरोजपुर गढ़ावली, सादुल्लापुर, तिगरिया खादर और शहवाजपुर डोर सहित नौ गांव मास्टर प्लान के दायरे में आए हैं। वीसी का कहना है कि गजरौला में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जाएगी। इससे प्राधिकरण को पांच सौ करोड़ रुपये का निवेश आएगा।