अमरोहा। एक जिला एक उत्पाद के तहत अमरोहा की पहचान ढोलक कारोबार के रूप में होती है। यहां की ढोलक की थाप देश-विदेश तक में गूंजती है। अब शहर के लिए तैयार हो रही महायोजना में भी ढोलक कारोबार और कॉटनवेस्ट व्यवसाय को जगह दी गई है। महायोजना के तहत शहर में ढोलक नगर बसाया जाएगा। हाल ही में मुख्यमंत्री ने महायोजना का अवलोकन कर जरूरी दिशा निर्देश दिए थे। जिसके बाद खामियों को दूर कर महायोजना को फिर से शासन को भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि उसके बाद इस पर शासन की मंजूरी की मुहर लग सकेगी।
अमृत योजना के तहत अमरोहा की सूरत बदलने की कवायद पर काम किया जा रहा है। सेंटर फॉर सिम्बायोसिस ऑफ टेक्नोलॉजी एन्वायरमेंट एंड मैनेजमेंट (स्टेम) ने अमरोहा शहर, जोया और 35 गांव का जीआईएस आधारित सर्वे किया था। मास्टर प्लान साल 2031 की जनसंख्या को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। जिसके तहत एक नए अमरोहा का विकास होगा। शहर के सौंदर्यीकरण को लेकर काम किया जाएगा। सड़कें भी चौड़ी होंगी। हरियाली के लिए पार्क भी होंगे, तो यातायात को सुगम बनाने के लिए काम होगा। ट्रांसपोर्ट नगर भी बसाया जाएगा। लगभग छह माह पहले भी शासन में मास्टर प्लान का प्रदर्शन किया गया था। लेकिन उस समय भी मास्टर प्लान को मंजूरी नहीं मिल सकी थी। अब फिर से मास्टर प्लान के लागू होने की उम्मीद जगी है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अमरोहा के मास्टर प्लान का अवलोकन करते हुए कुछ सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने मास्टर प्लान में ढोलक और कॉटन वेस्ट व्यापार काे महायोजना में शामिल करने की बात कही थी।
कॉटन वेस्ट कारोबार पर भी फोकस
महायोजना के प्रस्तावों में संशोधन करते हुए ढोलक व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए ढोलक नगर बसाया जाएगा। ताकि, ढोलक को और अलग पहचान मिल सके। इसके जगह भी चिह्नित की जा रही है। साथ ही कॉटन व्यवसाय के लिए भी जगह भी दी जाएगी। मास्टर प्लान की मंजूरी के लिए प्रशासन भी दिन रात एक कर तकनीकी खामियों को दूर कमियों को दूर कर शासन को भेजे जाने की तैयारी कर रहा है। प्रशासन का मानना है कि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही अमरोहा में भी जल्द ही महायोजना को मंजूरी मिल सकती है।
रिंग रोड के लिए मानचित्र में हो रहा सुधार
पूर्व में महायोजना के तहत प्रस्तावित रिंग रोड के लिए जो मानचित्र बनाया गया था। उसमें भी विभाग द्वारा सुधार किया जा रहा है। लूप लाइन के आधार पर रिंग रोड का मानचित्र तैयार किया जा रहा है। एक दो दिन में इसमें में बदलाव कर लिया जाएगा। वहीं, अन्य तकनीकी खामियों को भी दूर किया जा रहा है। ताकि, महायोजना से संबंधित जो भी प्रस्ताव तैयार हो, उस पर तत्काल मुहर लग सके।
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2031 की जनसंख्या के मद्देनजर तैयार हुई महायोजना
साल 2011 के अनुसार अमरोहा की जनसंख्या 2 लाख 67 हजार 578 थी, जोकि साल 2031 में 4 लाख 13 हजार 820 तक पहुंचने की उम्मीद है। जनसंख्या बढ़ेगी तो उसके अनुसार शासन व प्रशासन पर सुविधाओं को बढ़ाने की जिम्मेदारी भी होगी। महायोजना भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा
महायोजना के तहत बसाए जाने वाले शहर को व्यवस्थित तरीके से बसाया जाना प्रस्तावित है। जल निकासी की समस्या महायोजना प्रभावी होने के बाद दूर हो सकेगी। मास्टर प्लान के तहत बारिश के पानी निकासी के लिए भी उचित प्रबंध किये जाएंगे। मास्टर प्लान में इसके लिए भी प्लानिंग की गई है। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जाएगा।
187 आपत्तियों के निस्तारण के बाद तैयार हुआ मास्टर प्लान
मास्टर प्लान को तैयार कर उस पर आमजन की आपत्तियां भी मांगी गई थीं। जिसमें सुधार के लिए लोगों ने भी सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराए गए थे। इसके लिए कुल 187 आपत्तियां दर्ज की गई थी। जिनके निस्तारण के बाद महायोजना को अंतिम रूप दिये जाने की कवायद की गई थी।
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महायोजना के क्रियान्वयन को लेकर शासन गंभीर है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका अवलोकन कर रहे हैं। उनके द्वारा मास्टर प्लान को लेकर कुछ निर्देश दिये गए थे। जिनको पूरा कर फिर से शासन को भेजा जा रहा है। उम्मीद है कि उसके बाद जल्द मास्टर प्लान को मंजूरी मिल सकेगी।
- सुधीर कुमार, एसडीएम सदर