गजरौला। शादी के ढाई महीने बाद विवाहिता का शव फंदे पर लटका मिला। मायके वालों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर हत्या करने का आरोप लगाकर हंगामा किया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर सबूत साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका के पिता की तहरीर पर उसके पति, दो देवर, सास और ससुर के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक सैदनगली थानाक्षेत्र के गांव झुंडी माफी निवासी राजेश सिंह की बेटी तारावती की शादी इसी साल 23 अप्रैल को क्षेत्र के गांव कांकाठेर निवासी महेश के साथ की थी। महेश के पिता रेलवे में हैं। राजेश सिंह का आरोप है कि शादी में मिले दान दहेज से ससुराल वाले खुश नहीं थे। वह दहेज में बोलेरो व दो लाख रुपये नकदी की मांग करते थे। जिसे पूरा करने में असमर्थता जताने पर बेटी का उत्पीड़न किया जाता था।
मंगलवार सुबह उनको सूचना मिली कि ससुराल वालों ने दहेज के लिए उनकी बेटी को मार दिया है। वह मौके पर आए तो तारावती का शव फंदे पर लटक रहा था। उसके गले में सास की धोती बंधी हुई थी। उसके पैर जमीन पर टिके होने के साथ ही मुड़ रहे थे। इससे यह साफ हो रहा था कि उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया। उन्होंने डायल 112 पर फोन किया। सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई। जानकारी होने पर मायके वाले भी आ गए। उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस बीच फोरेंसिक टीम ने सबूत एकत्र किए। पुलिस ने हंगामा कर रहे मृतका के मायके वालों को समझा कर शांत किया।
पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर उसके पति महेश, दो देवरों उमेश, सोनू, ससुर रामौतार और सास माया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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काटी गई थी दरवाजे के ऊपर की जाली
कांकाठेर निवासी विवाहिता तारावती का शव अंदर कमरे में फंदे पर लटक रहा था। अंदर से कुंडी लगी हुई थी। मौके पर आई पुलिस, फोरेंसिक टीम व एकत्र हुए ग्रामीणों के कदम उस वक्त ठिठक गए, जब बंद दरवाजे के ऊपर की लोहे की जाली कटी हुई देखी। वह पूरी तरह से नहीं कटी थी, बल्कि अटकी हुई रह गई थी। आशंका जताई जा रही है कि ससुराल वालों ने विवाहिता की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया हो। बताया जा रहा है कि महेश अंदर कमरे में रह गया था। जिसने अंदर से कुंडी बंद की। बाद में जाली काट कर वह बाहर निकला। उनकी यह साजिश थी कि इससे आत्महत्या की पुष्टि और मजबूत होगी। उधर कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि महेश की शर्ट पर जाली निशान लग गए थे।
भाई के साथ भेज देते तो बच जाती जान
दहेज की भेंट चढ़ी तारावती की दो महीने 14 दिन पूर्व शादी की गई। उसके पिता राजेश सिंह के मुताबिक बीते रविवार को उन्होंने अपना बेटा भेजा कि बहन को ससुराल से ले आए। लेकिन ससुराल वालों ने बूझपुर में जात लगाए जाने की बात कह उनकी बेटी को नहीं भेजा। वह रो-रोकर कह रहे थे कि बेटी मायके आ जाती तो वह दहेज की भेंट नहीं चढ़ती।