ढबारसी (अमरोहा)। आदमपुर थाना क्षेत्र में झोलाछाप के उपचार से पूनम (32) पत्नी बिजेंद्र निवासी गांव चीला थाना रहरा की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने झोलाछाप चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए शव को थाने के सामने रखकर हंगामा किया। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया और शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
आदमपुर थाना क्षेत्र के आशकपुर मझरा निवासी किसान राजेंद्र की शादीशुदा बेटी पूनम अपने तहेरे भाई की शादी में मायके गई हुई थी। 10 फरवरी को बरात जानी है। इस दौरान सोमवार को मायके में अचानक पूनम की तबीयत खराब हो गई। जिसके बाद परिजन लेकर उसे लेकर आदमपुर के एक झोलाछाप चिकित्सक के पास पहुंचे। आरोप है कि झोलाछाप ने महिला को इंजेक्शन लगा दिया। जिसके बाद महिला की तबीयत और बिगड़ गई। उसके मुंह से झाग निकलने लगे। आननफानन झोलाछाप ने महिला को मेरठ रेफर कर दिया। बुधवार की सुबह करीब पांच बजे परिजन महिला को उपचार के लिए मेरठ ले जा रहे थे लेकिन महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिजन शव को लेकर झोलाछाप की दुकान पर पहुंचे। एक घंटे तक हंगामा किया।
इसके बाद ग्रामीण शव को लेकर आदमपुर थाने पहुंचे और गेट पर शव रख कार्रवाई की मांग को हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान करीब तीन घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। मृतका ने अपने पीछे पांच बच्चे छोड़े हैं। थाना प्रभारी रामप्रकाश शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।
शादी की खुशियां मातम में हुई तब्दील
ढबारसी। तहेरे भाई की शादी में शामिल होने कई दिन पहले मायके पहुंची पूनम की अचानक मौत होने से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। पूनम जब ससुराल से मायके आई थी तो वह बहुत खुश थी, लेकिन उसे क्या मालूम था कि अब दोबारा वह कभी ससुराल ही नहीं जा सकेगी। ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।