हसनपुर। आम को कीटों की बुरी नजर न लगे, कोई रोग पास न फटके, इसलिए एक-एक आम को दुल्हन के घूंघट की तरह पेड़ों पर छुपाकर रखा गया है। पेड़ पर ही आम को एक बैग बांधकर फसल तैयार की जा रही है। जिससे वह फसल अच्छी हो और दोगुना मुनाफा कमा रहे हैं।
तहसील क्षेत्र के गांव नंगलिया जट निवासी नवेंद्र सिंह उर्फ गुड्डू राजनीति में तो सक्रिय रहते ही हैं। वह आम उत्पादक किसान भी हैं। उनके बेटे अमरेंद्र सिंह वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य भी है। नवेंद्र सिंह उर्फ गुड्डू का कहना है कि इस सीजन में उनकी करीब साठ बीघा भूमि में आम की फसल है। उन्होंने बताया कि विदेशों एवं देश के अलग-अलग राज्यों में आम निर्यात करने वाली नोएडा की सुपर फ्लेम कंपनी के सहयोग से अप्रैल और मई माह में जब आम नींबू के आकार की होता है। उस वक्त छोटे-छोटे आम पर बैग बांधे गए। यह बैग फसल में हो रहे कीटनाशक के छिड़काव से आम को बचाते हैं। इसके साथ ही आम को कोई कीड़ा भी नहीं लग पाता। बारिश से आम को कोई नुकसान नहीं होता और आंधी से भी यह पूरा बचाव करते हैं। यह आम, सामान्य आम की तुलना में महंगा बेचा जा रहा है।
स्पेशल डिमांड पर एक कंपनी द्वारा आम को विदेश भेजा जा रहा है । जिससे किसान मालामाल हो रहे हैं। उहोंने बताया कि एक आम पर बैग बांधने के लिए तीन से चार रुपये तक का खर्च आया है। आम की ज्यादा डिमांड है। इसलिए यह महंगा भी है।
50 रुपये किलो बेचा जा रहा आम
गांव नंगलिया जट निवासी किसान नवेंद्र सिंह उर्फ गुड्डू ने बताया कि बैग लगा आम 50 रुपये प्रति क किलो तोड़कर बेचा जा रहा है। जबकि लंगड़ा प्रजापति के आम की कीमत बाजार में बीस से पच्चीस रुपये प्रति किलो ही है। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा खरीदने से पहले एक-एक आम की क्वालिटी एवं वजन चेक किया जा रहा है। यदि किसी आम का वजन 200 ग्राम से कम है तो उसे रिजेक्ट कर देते हैं। 200 ग्राम से अधिक के आम को ही खरीदते हैं।
बाग में महक रही अरुणिमा प्रजापति के आम की खुशबू
गांव नंगलिया जट निवासी किसान नवेंद्र सिंह उर्फ गुड्डू का कहना है कि उनके बाग में लंगड़ा, दशहरी के अलावा कुछ पेड़ अरुणिमा प्रजापति के भी है। जिनकी खुशबू से बाग महक रहा है। यह आम देखने में हल्का गुलाबी होता है। इसका स्वाद भी बहुुत बढि़या है। यह आम की प्रजापति विदेश से लाई गई थी।