प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को लेकर होने वाले सर्वे को लेकर डीएम ने कहा कि इसमें पूरी पारदर्शिता बरतें। कोई भी पात्र अगर सर्वे के दौरान आवास पाने से चूक गया, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने योजना के सर्वे को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में प्रचार-प्रसार कर वॉल पेंटिंग कराने के निर्देश दिए। जिला स्तर पर हर ब्लॉक के हेल्प डेस्क बनाने को कहा।
मंगलवार को डीएम राजेश कुमार त्यागी ने प्रेसवार्ता कर कहा कि योजना को लेकर बीडीओ सुनिश्चत कर लें, कि कोई कमी न रहने पाए। पिछले पांच वर्षों के दौरान जिन आवेदकों के प्रार्थनापत्र आवास के लिए आए हैं, उनको जांच के बाद सर्वे में शामिल करें। गांवों खुली बैठक करें। पंचायत सचिवालयों व स्कूलों में योजना के मानकों को वॉल पेंटिंग कराए। बड़े गांवों के साथ-साथ छोटे गांवों में योजना का समुचित प्रचार-प्रसार हो। अगर पात्रों का आवास का आश्रय नहीं मिल सका तो संबंधित सचिवों पर कार्रवाई होगी।
जिला स्तर पर ब्लॉकवार बनें हेल्पडेस्क
डीएम ने सीडीओ अश्वनी कुमार को निर्देश दिए कि जिला स्तर पर ब्लॉक वार हेल्पडेस्क बनाई जाए। हर ब्लॉक के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएं। यहां आने वाली शिकायतों की उच्चाधिकारियों से जांच कराई जाए तथा 24 घंटों के भीतर शिकायतों का निस्तारण होना चाहिए।
साइबर फ्रॉड से भी बचें
डीएम ने कहा कि योजना के दौरान बिचौलिए और साइबर फ्रॉड करने वाले भी सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी बिचौलिए के चक्कर में न पड़कर सीधे बीडीओ दफ्तर में संपर्क करें। साथ ही साइबर फ्रॉड से भी बचें। कहा कि योजना में शामिल होने के लिए किसी ओटीपी की जररूत नहीं पड़ती है। अगर कोई फोन पर योजना का लाभ दिलाने के लिए ओटीपी पूछे, तो कतई शेयर नहीं करें।
29 अगस्त को होगा ब्लॉक स्तर पर बैठक का आयोजन
सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा ने बताया कि योजना के लिए भरपूर प्रचार-प्रसार किया जाएगा। बताया कि 29 अगस्त को ब्लाॅक स्तर पर बैठकों का आयोजन होगा। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों व लोगों को शामिल किया जाएगा। सर्वे की जिम्मेदारी पंचायत सचिवों को दी जाएगी।