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'मेरी मौत की जिम्मेदार पुलिस है': 18 लाख रुपये की कर रहे हैं डिमांड, मदनपाल ने लिखा- शव को उठाने मत देना

Sun, 11 Jun 2023 06:40 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

38 वर्षीय मजदूर मदनपाल ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। शव गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर बकायन के पेड़ से लटका मिला। जेब से मिले पत्र को सुसाइड नोट बताया जा रहा है। जिसमें लिखा है मेरी मौत की जिम्मेदार सैदनगली थाना पुलिस है।
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मदनपाल ने की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमरोहा में थाना सैदनगली क्षेत्र के ग्राम तारारा निवासी 38 वर्षीय मजदूर मदनपाल ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। शव गांव से एक किलोमीटर की दूरी पर बकायन के पेड़ से लटका मिला। जेब से मिले पत्र को सुसाइड नोट बताया जा रहा है। जिसमें लिखा है मेरी मौत की जिम्मेदार सैदनगली थाना पुलिस है। मेरा उत्पीड़न किया जा रहा था। मुझसे एक पुराने केस को लेकर 18 लाख मांगे जा रहे थे। सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि जबतक मोदी और योगी ना आ जाएं। मेरी लाश को उठाने मत देना। फिलहाल पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है।

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बताते हैं कि 21 जून 2022 को एक कार की टक्कर से थाना क्षेत्र गांव फतेहपुर खादर में साइकिल सवार राजमिस्त्री कृपाल(55) की मौत हो गई थी। कार में मदन भी बैठा हुआ था। हादसे के बाद चालक और अन्य लोग मौके से भाग गए थे। लेकिन लोगों ने मदन को मौके से पकड़ लिया था। इस मामले में मदन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मरने वाले व्यक्ति के परिजन मुआवजे के रूप में मोटी रकम मांग रहे थे। जिसको लेकर मदन काफी परेशान चल रहा था। बताते हैं कि कृपाल सिंह के घर वालों ने एक साल बाद मुआवजा लेने के लिए कोर्ट में 18 लाख 28 हजार का दावा किया था। जिसकी सूचना मदन को उसके वकील द्वारा मिली।


तब से ही मदनपाल डिप्रेशन में आ गया। जिसके चलते रविवार की सुबह को मदन ने घर से निकलकर बकायन के पेड़ से लटक कर जान दे दी। मृतक ने अपने पीछे चार बच्चे छोड़े हैं। जिसमें तीन बेटे और एक बेटी है। मदन की जेब से एक पत्र मिला है। जिसे सुसाइड नोट बताया जा रहा है। जिसमें लिखा है कि मुकदमे में मेरा नाम गलत लिखा गया था। मुझसे पांच लाख रूपये पहले ले लिए गए और अब फिर मुझसे 18 लाख मांगे जा रहे हैं। 

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मेरी मौत की जिम्मेदार सैदनगली पुलिस है। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। जिस मुकदमे में इसका नाम लिखा गया था। चार्जशीट में से नाम निकाल दिया गया था। कोर्ट में दूसरे पक्ष ने 18 लाख मुआवजा लेने का दावा किया है। इसकी जानकारी मिलने पर तनाव में चले जाने की वजह से आत्मघाती कदम उठाया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही।

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