परिषदीय विद्यालय में छात्रों की कम संख्या ने शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। खंड शिक्षा अधिकारी ने कम छात्र संख्या वाले 64 विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
परिषदीय विद्यालयों में मुफ्त पढ़ाई हो हो रही है। बच्चाें को ड्रेस, जूता व मौजे मुफ्त दिए जा रहे हैं। मिडडे-मील दिया जाता है। इसके बावजूद कई स्कूलों में छात्र संख्या पर्याप्त नहीं है। जबकि, विद्यालय स्टाफ रैली निकालकर ग्रामीणों को अपने बच्चों का स्कूल में नामांकन कराने के लिए जागरूक भी करते हैं। मगर, परिणाम सकारात्मक नहीं आ रहे हैं। ब्लॉक क्षेत्र में 151 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 64 विद्यालय ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनमें छात्र संख्या बहुत कम है। कहीं पर इनकी संख्या दो अंक से भी नीचे है। जिसकाे लेकर विभाग के आला अफसर खफा हैं।
उन्होंने छात्र संख्या कम वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे पूछा है कि संख्या कम क्यों है। उनके क्षेत्र के बच्चे अन्य स्कूलों में पढ़ने क्यों जा रहे हैं। क्या उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। या उन्होंने बच्चों का परिषदीय विद्यालय में नामांकन कराने के लिए प्रयास नहीं किया। जिसका जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
- गजरौला ब्लॉक में 64 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें छात्र संख्या बहुत कम है। स्कूलों की इतनी बड़ी संख्या, जिनमें बच्चे बहुत कम हैं। उनको और विभाग को सोचने को मजबूर कर रही है। इसलिए प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - आरती गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी गजरौला।