अमरोहा में प्रेम विवाह करने वाले सिपाही ने अपनी और परिजनों की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। साथ ही पत्नी को वापस दिलाने की मांग की। पत्नी के परिजनों ने सिपाही के खिलाफ अपहरण का एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस पर उसने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। एसपी ऑफिस में हाईकोर्ट के आदेश की प्रति सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला डिडौली कोतवाली से जुड़ा है। क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक यूपी पुलिस में सिपाही है। वर्तमान में उसकी तैनाती सुल्तानपुर जनपद में है। 19 जनवरी 2022 को सिपाही ने हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से कोर्ट मैरिज कर ली थी। सिपाही और उसकी पत्नी अलग-अलग बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में उसकी पत्नी के परिजनों ने शादी का विरोध शुरू कर दिया। शादी कर घर लौटते समय उसकी पत्नी का अपहरण कर लिया था।
इसके बाद पत्नी से ही सिपाही पति के खिलाफ फरवरी 2022 को हसनपुर कोतवाली में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इस कार्रवाई को लेकर सिपाही ने हाईकोर्ट की शरण ली और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए स्टे ले लिया। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्थानीय पुलिस को नवदंपती को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया है। लिहाजा शुक्रवार को सिपाही पुलिस ऑफिस पहुंचा और न्यायालय के आदेश की प्रति देकर बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पत्नी को बंधक बना रखा है। उसकी जान को खतरा बना हुआ है। सिपाही ने अपनी और परिजनों की जान को भी खतरा बताया है।