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Amroha News: छोटे भाई के हत्यारोपी सचिन का प्रेम विवाह बताया जा रहा परिवार में विवाद की जड़

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छोटे भाई की हत्या की वजह जर, जोरू और जमीन
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हत्यारोपी बड़े भाई सचिन के प्रेम विवाह से नाराज परिजनों ने उसे नहीं दिया था संपत्ति में हिस्सा
- सचिन के प्रेम विवाह से नाराज थे परिजन, इसलिए वह माता-पिता से अलग रहता था

संवाद न्यूज एजेंसी

गजरौला। छोटे भाई नितिन की हत्या की मूल वजह जर यानी धन, जोरू यानी पत्नी और जमीन ही है। हत्यारोपी सचिन का परिजनों की मर्जी के विरुद्ध जाकर प्रेम विवाह करना परिवार में विवाद की जड़ बताया जा रहा है। इसी विवाद के चलते तकरार बढ़ती चली गई। उसे परिजनों ने घर से अलग कर दिया। संपत्ति में भी उसे पूरा हिस्सा नहीं दिया। इसी के चलते उसने गोली मार कर भाई की हत्या कर दी।

अतरपुरा निवासी अरुण सिद्धू के अधिवक्ता बेटे सचिन द्वारा रविवार की रात गोली मार कर छोटे भाई नितिन की हत्या कर दिए जाने से हर कोई स्तब्ध है। पुलिस के अनुसार सचिन देहरादून में पढ़ा है और वकालत भी करता है। सचिन ने पहली पत्नी का निधन हाेने के बाद प्रेम विवाह कर लिया। जिससे परिजन खुश नहीं थे। उसके प्रेम विवाह करने से परिजन नाराज थे। इसी नाराजगी के चलते उन्हाेंने उसे अपने साथ घर में नहीं रखा। वह दूसरी पत्नी के साथ अलग घर में रहने लगा, जबकि पहली पत्नी से उसके दोनों बेटे तनिष्क व विनायक अपने चाचा नितिन, दादा अरुण सिद्धू व दादी उर्मेश देवी, चाची निधि रानी के साथ रहते थे। उससे नाराजगी के चलते उसे खेती की 70 बीघे जमीन में भी हिस्सा नहीं दिया गया। जिसको लेकर परिवार में तकरार बढ़ती चली गई।
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बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों में कई बार विवाद भी हुआ था। वह इस बात से भी नाराज था कि खेत में पैदा हो रही फसल में उसे हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। जबकि पिता की संपत्ति में वह भी हिस्सेदार है। छोटे भाई नितिन को इस सबका कारण मानता था। जिसके चलते उसने गोली मार कर हत्या कर दी।
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नितिन के नहीं थी कोई संतान

गजरौला। नितिन की शादी 11 दिसंबर-20 को धनौरा क्षेत्र के गांंव देहरा चक निवासी निधि रानी के साथ हुई। जिसे तीन साल बीत गए। मगर उस पर कोई संतान नहीं है। रविवार की रात अधिवक्ता भाई सचिन ने गोली मार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। जिससे नितिन का वंश चलाने वाला कोई नहीं रह गया है।
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एक भाई की जान गई, दूसरा जेल गया

गजरौला। बड़े भाई द्वारा छोटे की गोली मार कर हत्या कर दिए जाने से अरुण सिद्धू के घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जहां एक बेटा दुनिया से विदा हो गया, वहीं दूसरा बेटा जेल भेज दिया गया। अरुण सिद्धू का भरा पूरा परिवार उजड़ गया।

समाज में भले ही उनकी छवि अच्छी नहीं है, लेकिन अरुण सिद्धू की गिनती साधन संपन्न परिवारों में की जाती है। उनका करोड़ों रुपये की कीमत का काॅम्पलेक्स है। बड़े बेटे का इंदिरा चौक पर बड़ा आलीशान घर है। जिसमें नीचे दुकान चल रही है। फाजलपुर फाटक के समीप बजरी बजरपुट की दुकान है। करोड़ों रुपये की खेती की जमीन है। किसी चीज की कमी नहीं है। दो बेटे और दो पोते होने के कारण घर भरा पूरा था, लेकिन रविवार की रात उनके लिए जीवन भर न भूलने वाले दर्द लेकर आई। उनके बड़े बेटे ने छोटे भाई की गोली मार कर हत्या कर दी। एक बेटा दुनिया से चला गया, जबकि दूसरे को जेल चला गया। संवाद
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अरुण सिद्धू अपहरण के मामले में काट चुके हैं जेल
अरुण सिद्धू ने 2015 में अपने साथियों के साथ मिल कर अधिवक्ता दीपक जैन व पंकज जैन का अपहरण किया। दोनों को लखमिया के जंगल में फार्म हाउस पर रख कर यातनाएं दी गई थीं। सुबह को दोनों अधिवक्ताओं को सड़क किनारे फेंक दिया था। दीपक जैन की मौत हो गई। पुलिस ने अरुण सिद्धू व उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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