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यूपी में हत्यारों को छह साल उम्रकैद: रिश्तेदारों ने ही पिलाया जहर, बच्चों की कहासुनी से शुरू हुआ था विवाद

Fri, 30 Aug 2024 09:42 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

मुरादाबाद के रहने वाले प्रिंस और उसके रिश्तेदार नवनीत की हत्या के मामले में पुलिस ने खूब लापरवाही बरती थी। दोषियों को लाभ पहुंचाने के लिए पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
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कोर्ट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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मुरादाबाद के रहने वाले प्रिंस और उसके रिश्तेदार नवनीत की शराब में जहर पिलाकर हत्या करने वाले रजबपुर के छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही सभी दोषियों पर 6.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बीते मंगलवार को न्यायालय ने सबूताें के आधार पर दोषी करार दिया था। सभी दोषी जेल में बंद हैं।

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नवंबर 2012 में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर तिगरी धाम में लगे मेले में मुरादाबाद जिले के छजलैट थाना क्षेत्र के मघी गांव निवासी शीशपाल सिंह भी परिवार के साथ गए थे। सेक्टर दस में इनके डेरों के पास रजबपुर क्षेत्र के घंसूरपुर निवासी गुरुदेव सिंह, अमरजीत सिंह, कमल सिंह, वीरेंद्र सिंह, अरविंद व चकमजिदपुर निवासी जयवृत सिंह के डेरे थे।

इस दौरान दोनों पक्षों के बच्चों में कहासुनी हो गई थी। 27 नवंबर 2012 को ये सभी लोग शीशपाल के बेटे प्रिंस व उसके रिश्तेदार नवनीत को नहाने के बहाने ले गए। जहां आरोपियों प्रिंस और नवनीत को शराब में जहर देकर मार डाला और दोनों के शवों को गंगा में बहा दिया था। मृतक प्रिंस शीशपाल सिंह का इकलौता बेटा था।
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प्रिंस व नवनीत डेरों में नहीं लौटे तो परिजनों ने आरोपियों से पूछा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद शीशपाल ने मेला कोतवाली में प्रिंस और नवनीत की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन दोनों के शव गंगा से बरामद हुए थे।

पोस्टमार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट में शराब में जहर की पुष्टि हुई थी। मामले में आठ माह बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी गुरुदेव, अमरजीत सिंह, कमल, वीरेंद्र, अरविंद व जयवृत सिंह के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। साथ ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था।

फिलहाल, सभी जमानत पर जेल से बाहर थे। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय अरविंद कुमार शुक्ला की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल पैरवी कर रहे थे।

बीते मंगलवार को कोर्ट ने मुकदमे में सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को दोषी करार दिया और दोषी गुरुदेव, अमरजीत और वीरेंद्र को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था। जबकि, कमल, अरविंद और जयवृत सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। बुधवार को फरार चल रहे दोषी कमल, अरविंद और जयवृत सिंह ने भी सरेंडर कर दिया था। शुक्रवार को न्यायालय ने सजा से प्रश्न पर आखिरी सुनवाई की और दोषी गुरुदेव, अमरजीत सिंह, कमल, वीरेंद्र, अरविंद व जयवृत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 6.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

हत्या की पुष्टि के बाद भी भटकने को मजबूर रहा पीड़ित परिवार
मुरादाबाद के रहने वाले प्रिंस और उसके रिश्तेदार नवनीत की हत्या के मामले में पुलिस ने खूब लापरवाही बरती थी। दोषियों को लाभ पहुंचाने के लिए पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक (एफएसएल) रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद भी पीड़ित परिवार दर-दर की ठोकरें खाता रहा। कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए तो पुलिस हरकत में आई। हत्या के करीब आठ माह बाद पुलिस में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

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