अमरोहा। करीब चार साल पहले मांस विक्रेता की चाकू घोंपकर हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 53-53 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं हत्या में नामजद एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया है।
ये घटना अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला शफातपोता में 21 जुलाई 2018 को हुई थी। मोहल्ला दानिशमंदन में निजामुद्दीन का परिवार रहता है। उनका बेटा बिलाल मांस की दुकान चलाता था। घटना वाले दिन सुबह को बिलाल की अपने पड़ोसी मीट के दुकानदार सरताज कुरैशी से कहासुनी हो गई थी। इस दौरान लोगों ने दोनों पक्षों को समझा कर मामला शांत कर दिया था। लेकिन शाम को करीब 8:30 बजे बिलाल मीट के थोक विक्रेता नदीम के पैसे देने मोहल्ला शफातपोता में गया था। तभी सरताज और उसके भाई शानदार ने छुरी घोंप कर बिलाल को घायल कर दिया था। ताबड़तोड़ कई वार कर दोनों आरोपी मौके से भाग गए थे। परिजनों ने लहूलुहान हालत में बिलाल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने हत्या में शफातपोता के रहने वाले नदीम का भी हाथ होने की बात कही थी। इस दौरान ये बात भी सामने आई थी कि तीनों आरोपियों को बिलाल पर पुलिस की मुखबिरी करने का शक था। जिसे लेकर हत्या की। इस मामले में बिलाल के पिता निजामुद्दीन में तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल नदीम और सरताज जमानत पर बाहर थे। जबकि शानदार जेल में बंद था। ये मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश विशेष (पॉक्सो एक्ट) तृृतीय संजय कुमार चतुर्थ की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी पैरवी कर रहे थे। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की और साक्ष्य व सबूतों के आधार पर सरताज और उसके भाई शानदार को दोषी करार दिया। साथ ही उम्रकैद की सजा सुनाई और दोनों पर 53-53 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि साक्ष्यों के अभाव में नदीम को बरी कर दिया है।