आदमपुर। रहरा क्षेत्र के गांव लालापुर में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। रविवार रात जहां तेंदुए ने गांव में घुसकर मकानों में सो रहे एक के बाद एक छह लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था। वहीं सोमवार रात तेंदुए ने फिर से दस्तक दी। तेंदुआ मकान के बाहर से बकरी को उठा ले गया। उधर, तेंदुए की दहशत से ग्रामीण पहरा देने को मजबूर हैं।
लालापुर गांव वन विभाग के जंगल से घिरा हुआ है। रविवार की रात तीन बजे तेंदुआ गांव में घुस आया और एक के बाद घरों में घुसकर लोगों पर हमला किया। तेंदुए के हमले में अनिल त्यागी, राजीव त्यागी, हरिराम, दीपक जाटव, सुमित जाटव और सोमवती घायल हो गए। ग्रामीणों पर हुए हमले के बाद लोग एकत्र हो गए। वहीं, तेंदुआ इरफान की बकरी को भी जख्मी कर गया। लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने तेंदुए को जंगल की तरफ खेदड़ दिया। सूचना पर वन विभाग की टीम गांव में पहुंच गई थी और जांच पड़ताल की। वहीं, घायलों को रहरा सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां से गंभीर रूप से घायल अनिल त्यागी और हरिराम को मेरठ के लिए रेफर किया गया। तेंदुए के हमले से ग्रामीण दहशत में हैं।
इसी बीच सोमवार को फिर से तेंदुआ गांव में घुस आया और शरीफ की बकरी को उठाकर निवाला बना दिया। तेंदुआ आने की खबर से ग्रामीण एकत्र हुए, लेकिन वह जंगल में भाग गया। उधर, ग्रामीण दिन में भी गांव के बाहरी छोर पर लाठी डंडे हाथों में लेकर पहरा दे रहे हैं। सोमवार को गांव निवासी विनित, विकास, शिवा,अर्पित, पुष्पेंद्र, बिट्टू, सौरभ आदि ग्रामीणों ने पहरा दिया। उनका कहना है कि ग्रामीण तेंदुए को लेकर दहशत हैं।
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गांव में वन विभाग के कर्मचारियों की टीम तैनात है। जांच में सामने आ रहा है कि हमलावर जानवर तेंदुआ नहीं है। पंजों के निशान से आशंका जताई जा रही है कि जानवर जंगली कुत्ता, लकड़बग्घा या फिर सियार हो सकता है। ग्रामीण सतर्क रहें। वन विभाग की टीम भी अलर्ट है। तेंदुए की आशंका कम ही है।
-एसपी सिंह, डीएफओ