बैंक खातों में केवाईसी अपडेट न होने का खामियाजा पेंशन धारकों को भुगतना पड़ रहा है। केवाईसी न होने से 264 विधवा, 191 वृद्ध और 35 दिव्यांग पेंशन धारकों की पहली ही किस्त अटक गई है। किस्त रुकने के लिए जहां पेंशन धारकों की लापरवाही सामने आई है, वहीं समाज कल्याण विभाग ने भी जागरूकता के लिए किसी गांव या मोहल्ले में कोई शिविर नहीं लगाया।
गजरौला ब्लॉक में 2819 विधवा, 933 दिव्यांग और 2414 वृद्ध पेंशन धारक हैं। समाज कल्याण विभाग ने पेंशन धारक की मौजूदा वित्तीय वर्ष की मार्च की पहली किस्त जारी की है। जिसमें 2819 विधवा पेंशन धारकों में 2555 को ही पहली किस्त मिली। 264 पेंशन धारक प्रथम किश्त से वंचित रह गए। इसी तरह 933 दिव्यांग पेंशन धारकों में 898 की पहली किस्त आई है। 2414 वृद्ध पेंशन धारकों में 2223 के खाते में ही किस्त पहुंची है। ब्लॉक के 490 पेंशन धारक प्रथम किस्त पाने से वंचित रह गए हैं। उनके खाते में पेंशन की रकम नहीं पहुंची।
इस कारण पेंशन धारकों की ओर से अपने बैंक खातों में केवाईसी अपडेट नहीं कराना बताया गया है। इसलिए उनको पेंशन की पहली किस्त नहीं मिली। हालांकि इसके लिए समाज कल्याण विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि विभाग की ओर से किसी गांव या मोहल्ले में पेंशन धारकों को केवाईसी कराने की जानकारी देने के लिए शिविर नहीं लगाया गया। जिसका खामियाजा ब्लॉक के 490 पेंशन धारकों को भुगतना पड़ा है। एडीओ समाज कल्याण आकाश पाल का कहना है कि केवाईसी नहीं कराने के कारण पेंशन अटक गई है।
मार्च से बंद है समाज कल्याण विभाग की साइट
पेंशन धारक अपनी पेंशन की जानकारी करने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों से लेकर एडीओ समाज कल्याण और बैंकों में चक्कर लगा रहे हैं। कई की शिकायत है कि उन्होंने अपना आवेदन सही करा दिया, लेकिन इसके बाद भी उनको पेंशन नहीं मिल रही है। पेंशन के लिए ब्लॉक ही नहीं, बल्कि जिला मुख्यालय तक चक्कर लगाए। एडीओ समाज कल्याण का कहना है कि मार्च से विभाग की साइट बंद है। इस कारण नए आवेदन नहीं हो रहे हैं। जिनकी पेंशन में दिक्कत है, उसे भी सही नहीं किया जा रहा है।