रजबपुर (अमरोहा)। कूबी समेत चार गांवों के ग्रामीणों का धरना मुआवजे की मांग को लेकर जारी है। बुधवार को 215वें दिन भी ग्रामीण धरने पर रहे। दरअसल, मध्य गंगा नहर के लिए अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजे को लेकर ग्रामीण लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि जब तक उन्हें उनकी जमीन का चार गुना मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वह आंदोलन को जारी रखेंगे।
साल 2011 में रामपुर घना, मोहनपुर एवं घंसूरपुर तथा साल 2012 में गांव कूबी में मध्य गंगा नहर के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहण की गई थी। जिसके बाद किसानों को सर्किल रेट के तहत चार गुना मुआवजा दिया जाना था। सरकार किसानों को 2011 के रेट के अनुसार मुआवजा दे रही है, जबकि किसान सर्किल रेट के चार गुने मुआवजे की मांग पर डटे हुए हैं। इसी मांग को लेकर किसान फरवरी माह से लगातार धरना दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनको उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वह जमीन की खुदाई नहीं होने देंगे। वहीं मध्य गंगा नहर में पानी छोड़े जाने के बाद किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। इस आंदोलन में पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी लगातार शामिल हो रही हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन 2011 के तहत मात्र 50 हजार रुपये ही मुआवजा देना चाहता है। जोकि, उनके साथ सरासर धोखा है। वहीं जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की मांगे मुख्यमंत्री तक पहुंचाईं, लेकिन ग्रामीणों को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल सका है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक उनका धरना जारी रखेंगे।