फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: खास पल के साक्षी बने कारसेवक, सपना हुआ पूरा

विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा/ मंडी धनौरा। वर्षों से जिसका सपना संजोया था, आखिरकार वह रामलला विराजमान के साथ पूरा हुआ। राम मंदिर के लिए संघर्ष किया और जेल भी गए, अब जीवित रहते राम मंदिर का सपना पूरे होने पर अमरोहा के कारसेवक अपने को परम गौरव एवं सौभाग्यशाली मान रहे हैं।
विज्ञापन

-
अमरोहा के मोहल्ला चौक निवासी 64 वर्षीय विमल किशोर बताते हैं कि आज का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा। उन्होंने भी राम मंदिर आंदोलन के संघर्ष किया। अमरोहा से कई लोगों के जत्थे के साथ वह कारसेवा के लिए अयोध्या पहुंचे थे। अब रामलला विराजमान होने पर उत्साहित विमल किशोर बताते हैं कि लंबे संघर्ष के बाद संकल्प पूरा हुआ है। राम मंदिर निर्माण को लेकर उम्मीद थीं, नकारात्मकता नहीं थी। अब आराध्य श्रीराम के अयोध्या में विराजमान होने पर वह परिवार समेत दर्शन के लिए जाएंगे।


शहर के बेगम सराय निवासी 62 वर्षीय चैनसुख गोले एडवोकेट भी कारसेवा में शामिल रहे। उन्होंने बताया कि संघर्ष के दौरान जो सपना देखा था। लंबे इंतजार के बाद उसके पूरा होने की शुभ घड़ी आई है। अत्यंत गौरवशाली पल है, जब रामलला अपने आसन पर विराजमान हुए हैं। आंदोलन के दौरान रामपुर में बनी अस्थाई जेल में उन्होंने कई दिन काटे। अब राम मंदिर निर्माण और प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के गौरवशाली पल के वह साक्षी बनने पर उत्साहित भी हैं।
विज्ञापन


मोहल्ला मंडी चौब निवासी कारसेवक राकेश वर्मा कहते हैं कि कड़ी पांबदियों और लंबे संघर्ष के बाद आज ऐसा सुनहरा अवसर आया है कि भगवान राम अपने स्थान पर विराजमान हुए हैं। साथ ही उनको प्राण प्रतिष्ठा के दर्शन का सौभाग्य भी मिला। हालांकि सजीव प्रसारण के जरिए ही उन्होंने रामलला विराजमान के दर्शन किए। अब जाकर मन को संतुष्टि मिली है। अब फिर से मंदिर निर्माण के लिए कारसेवक के रूप में वह वहां जाकर सेवा करने का मन बनाए हुए हैं।

मंडी धनौरा निवासी व भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शरद गर्ग बताते हैं कि सन 1991 में राम ज्योति यात्रा निकाली गई थी। पुलिस ने यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। उनको गिरफ्तार कर बिजनौर जेल में बंद कर दिया गया था। वह 16 दिन तक बिजनौर जेल में बंद रहे थे। आज का दिन उनके व प्रत्येक हिंदू के लिए गौरव व सौभाग्य की बात है। अपने जीवनकाल में प्रभु का भव्य मंदिर बन रहा है और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई।
-
मंडी धरौरा के अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष और पालिका सदस्य राजीव दीक्षित बताते हैं कि राम मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन चल रहा था। प्रत्येक हिंदू के दिल में एक ही सपना था कि अयोध्या में प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बन जाए। राम ज्योति यात्रा निकाली जा रही थी। उस दौरान उनको भी 15 दिन तक बिजनौर जेल में रखा गया था। अब रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने पर सपना साकार हो गया है। जोकि, मेरे जीवन के लिए बहुत खास पल है। जीवन काल में यह अवसर देखना बहुत सुखद पल है।
विज्ञापन

-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें