फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: अमरोहा के डमरू पर छम-छम नाचेंगे कांवड़िये

विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। सावन का महीना शुरू होने को है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पतित पावनी मां गंगा से लेकर पर्वत की चोटियों तक डमरू की डम-डम व बम भोले के उद्घोष के साथ धार्मिक स्थलों का दर्शन करने जाएंगे हैं। ऐसे में अमरोहा के डमरू की खूब डम-डम होगी। जिसकी धुन पर कांवड़िये छम-छम नाचते गाते आगे बढ़ेंगे। यही वजह है कि यहां के डमरू उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों की भरपूर डिमांड आ रही है।
विज्ञापन

अमरोहा शहर में ढोलक की 300 से अधिक बड़ी इकाइयां हैं। ढोलक से निकलने वाली लकड़ी (गुल्ले) से कई यंत्र तैयार होते हैं। सबसे आखिर में बचने वाली लकड़ी से डमरू तैयार किया जाता है। देशभर में केवल अमरोहा में डमरू तैयार होता है। इन दिनों प्रतिदिन दस हजार डमरू निर्यात किए जा रहे हैं। जबकि, सावन को देखते हुए इससे भी अधिक डिमांड आई हुई है। इन दिनों दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के कारोबारी अमरोहवी डमरू मंगाते हैं और उसे उन स्थानों पर निर्यात करते हैं जहां-जहां भगवान शंकर की पूजा होती है। बता दें कि 22 जुलाई को कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी।
-
इन स्थानों में खूब डिमांड
लकड़ी हस्तकला एसोसिएशन के अध्यक्ष कुमार अग्रवाल ने बताया कि भगवान शंकर की आराधना डमरू के बिना अधूरी है। इन दिनों हरिद्वार, ऋषिकेश, जम्मू के शिव खोड़ी, अमर नाथ, उज्जैन, अयोध्या, बनारस, बद्रीनाथ समेत अन्य दूरदराज वाले स्थानों पर अमरोहा के डमरू की डिमांड है। अधिकांश प्रसिद्ध स्थलों में अमरोहा का डमरू बजता है।
विज्ञापन


-
देश ही नहीं विदेश में पहुंचेगा डमरू

शक्ति कुमार अग्रवाल ने बताया कि सावन माह में डिमांड बढ़ जाती है। सावन का महीना शुरू होते ही उत्तराखंड और जम्मू के अलावा डमरू देश के भोपाल, सिक्किम, कोलकाता में पहुंचता है। इसके अलावा नेपाल के काठमांडू से डमरू की डिमांड आई है।

-

प्रतिदिन सप्लाई हो रहे 10 हजार डमरू

अमरोहा में इन दिनों डमरू बड़ी संख्या में बनाए जा रहे हैं। सावन के मद्देनजर हर रोज दस हजार डमरू सप्लाई किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इसमें और इजाफा होगा। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों शिवभक्तों के हाथों में अमरोहा का डमरू नजर आएगा।

तीन से चार हजार ढोलक हो रही सप्लाई
अमरोहा की ढोलक की थाप देश ही नहीं विदेशों तक सुनाई देती है। अब सावन माह में डमरू के साथ ढोलक की मांग बढ़ी है। कारोबारी राजीव कुमार ने बताया कि प्रतिदिन तीन से चार हजार ढोलक विभिन्न शहरों के लिए सप्लाई हो रही है। सावन माह में ढोलक और डमरू के कारोबार को लाभ पहुंचेगा।
विज्ञापन

888888888
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें