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झोलाछाप को एक साल की सजा, एक हजार रुपये का जुर्माना भी

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बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक चलाने के मामले में न्यायालय ने दोषी झोलाछाप को एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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यह मामला वर्ष 2001 का है। तत्कालीन सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी ने क्षेत्र के गांव इमली वाली मढैयां में अनवार के क्लीनिक पर छापेमारी की थी। टीम को क्लीनिक में एलोपैथिक दवाईयां मिलीं थीं। जिनकी एक्सपायरी डेट भी बिल्कुल नजदीक थी। इसके अलावा अनवार राज्य मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन का भी सर्टिफिकेट नहीं दिखा पाए थे। नोटिस का जवाब नहीं देने पर नोडल अधिकारी ने तहरीर देकर अमरोहा नगर कोतवाली में आरोपी चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। यह मुकदमा यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ दिव्यानंद द्विवेदी की अदालत में विचाराधीन था। गुरुवार को न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से कृष्ण प्रताप यादव वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी ने पैरवी की। साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने बिना रजिस्ट्रेशन व डिग्री के क्लीनिक संचालन करने के आरोप में अनवर को दोषी करार दिया और एक साल की सजा सुनाई। साथ ही एक हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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