एक चकरोड पर दो ग्राम पंचायतों द्वारा मिट्टी डालने का कार्य दर्शाकर धनराशि हड़पने के के मामले की जांच शुरू हो गई है। एपीओ सौरभ कुमार ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
हसनपुर ब्लॉक की सीकरी भूड ग्राम पंचायत की ओर से मिलक से कोटा के सिमाने तक 23 अगस्त से 7 सितंबर व 24 सितंबर से 9 अक्तूबर तक 483 मानव दिवस की मजदूरी दर्शाकर 1 लाख 2 हजार 666 रुपये निकाले गए। जबकि गंगेश्वरी ब्लॉक की पाडली ग्राम पंचायत ने इसी चकरोड का नाम बदलकर खचेडू के खेत से मिलक के सिमाने तक मिट्टी डालने का कार्य दर्शाया है। 29 सितंबर से 14 अक्तूबर तक 304 मानव दिवस की मजदूरी दर्शाकर 64 हजार 752 निकाल लिए। इस चकरोड का अधिकतर हिस्सा निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के अन्तर्गत आया है। जिस पर गंगा एक्सप्रेसवे का काम प्रगति पर है।
बुधवार को मामला सामने आने पर एसडीएम ने जांच के आदेश दिए। एपीओ सौरभ कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और चकरोड पर किए गए कार्य का सत्यापन शुरू किया। एपीओ ने बताया कि सत्यापन की जांच रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा। एसडीएम विजय शंकर ने बताया कि जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।