अमरोहा। दस दिन पहले नगलिया मेव गांव में हुए विवाद में नया मोड़ आ गया है। न्यायालय ने मंडी धनौरा तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव, लेखपाल तारेस राणा और तमंचाधारी व्यक्ति गौरव के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तीनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव लखनऊ, डीजीपी, डीएम और एसपी को न्यायिक आदेश की कॉपी भेजी है।
घटना बीस जुलाई की है। नगलिया मेव गांव में रहने वाले किसान होमपाल सिंह के परिवार पर अवैध निर्माण करने का आरोप लगा था। तहसीलदार के मौखिक आदेश पर क्षेत्रीय लेखपाल तारेस राणा ने गांव पहुंचकर निर्माण रुकवा दिया। तभी ओमपाल सिंह के बेटे अरविंद, रणवीर, मोहित व अरुण कुमार ने उग्र होकर लेखपाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे मंडी धनौरा तहसीलदार ने लेखपाल को छुड़वाया था। इस मामले में पुलिस ने रणवीर को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। हैरत की बात ये है कि पुलिस के मेडिकल कराए जाने पर लेखपाल तारेस राणा शराब के नशे में पाए गए थे।
जबकि, घटनास्थल पर रणवीर और उसकी मां अनीता उर्फ गुड्डी के साथ भी मारपीट की गई थी। उन्हें भी चोट लगी थी। जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों पक्षों का मेडिकल कराया था। लेकिन, पुलिस ने केवल लेखपाल की तहरीर पर कार्रवाई की। जबकि विवेचक ने रणवीर और उनकी मां अनीता उर्फ गुड्डी के साथ हुई मारपीट के मेडिकल को अपनी विवेचना में शामिल नहीं किया। जिस समय पुलिस ने आरोपी रणबीर को न्यायालय में पेश किया, तभी कई तथ्य सामने आए। आरोपी रणवीर पक्ष की ओर से तर्क रखा गया कि लेखपाल रात को आठ बजे गजरौला थानाक्षेत्र के नौनेर निवासी गौरव के साथ आए थे और दीवार गिरा दी।
गौरव नाम के व्यक्ति के पास तमंचा भी था, जबकि लेखपाल शराब के नशे में थे। जिसका ग्रामीणों ने वीडियो बना लिया था। लेखपाल की तरफ से दर्ज किए गए मुकदमे के विवेचक ने वीडियो के तथ्यों को अपनी विवेचना में शामिल नहीं किया। इतना ही नहीं जिस समय मंडी धनौरा तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव गांव पहुंचे थे, उन्होंने अपने हाथ में पहनी अंगूठियाें से रणवीर के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं लेखपाल तारेस राणा के पास गांव पहुंचकर निर्माण रुकवाने का कोई लिखित आदेश नहीं था। लेखपाल तारेस राणा ने क्षेत्रीय व्यक्ति गौरव के साथ मिलकर रणवीर की मां अनीता उर्फ गुड्डी के साथ मारपीट की।
आरोपी रणवीर की तरफ से ही तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव, लेखपाल तारेस राणा और तमंचाधारी गौरव के खिलाफ मेडिकल कराने के बाद प्रार्थनापत्र दिया था, लेकिन पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। लेखपाल के साथी गौरव के पास तमंचे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जबकि पुलिस-प्रशासन मौन है। मेडिकल में शराब के नशे की पुष्टि के आधार पर मंडी धनौरा एसडीएम ने उसे निलंबित कर दिया है। आरोपी रणवीर के अधिवक्ता ने वायरल वीडियो को न्यायालय में दिखाया। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह ने मामले में मंडी धनौरा तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव, लेखपाल तारेस राणा व तमंचाधारी गौरव के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।