कोतवाली डिडौली क्षेत्र के सहसपुर अलीनगर गांव निवासी कृपाल सिंह का 35 वर्षीय बेटा बिजेंद्र सिंह तीन दिन पहले सड़क हादसे में घायल हो गया था। परिजनों ने उपचार के लिए उन्हें चौधरपुर स्थित जीवन हॉस्पिटल 24 में भर्ती कराया था। लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उन्हें सोमवार को पाकबड़ा स्थित निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां पहुंचने पर उनकी मौत हो गई। गुस्साए परिजन शव को चौधरपुर के निजी अस्पताल ले आए। यहां चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर कोतवाली क्षेत्र की जिवाई पुलिस चौकी प्रभारी दरोगा अरुण चौधरी मौके पर पहुंचे और गुस्साए परिजनों को समझने का प्रयास शुरू कर दिया। मामले की जानकारी आला अफसरों को दी। इस दौरान दरोगा अस्पताल के करीब 15 फीट ऊंचे पहले फ्लोर से बेसमेंट में गिरे पड़े। हादसे में उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। उनके लिवर और सिर में गंभीर चोट आई। जिस कारण उनके कान और नाक के खून बहने लगा। आनन फानन में पुलिस ने दरोगा को उपचार के लिए टीएमयू में भर्ती कराया। जहां उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया। जहां उनकी हालत गम्भीर बनी हुई है।
उधर, मृतक बिजेंद्र सिंह हैंडपंप मरंमत के मिस्त्री थे। पत्नी चन्द्रवती देवी व मां मुन्नी देवी व अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दरोगा के घायल होने के बाद परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को अपने गांव ले गए। डीएम बीके त्रिपाठी और एसपी आदित्य लांग्हे ने घायल दरोगा का हाल जाना। साथ ही डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर अनिल कुमार ने हॉस्पिटल संचालक को नोटिस जारी किया है।
दुखद हादसा हुआ है। दरोगा अरूण चौधरी की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे कैसे हुआ इसकी जांच की जा रही है। साथ ही हॉस्पिटल संचालक को नोटिस दिया गया है। हॉस्पिटल के मानक पूरे हैं या अवैध रूप से संचालित है। इसकी भी जांच होगी।- बीके त्रिपाठी, डीएम
जिवाई चौकी प्रभारी हॉस्पिटल पर हंगामा कर रहे लोगों को समझाने गए थे। लोगों को समझाते समय हॉस्पिटल के पहले फ्लोर से बेसमेंट में गिरकर घायल हो गए। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। सभी तथ्यों पर जांच कराई जा रही है। इसमें जिसकी भी लापरवाही होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-आदित्य लांग्हे, एसपी अमरोहा