उन्नाव जिले के थाना सफीपुर के प्रभारी निरीक्षक अशोक गुर्जर ने थाने में स्थित कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अशोक गुर्जर नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव याहियापुर के रहने वाले थे। उनकी मौत की सूचना पर गांव में मातम पसर गया है। उधर, परिजन रात ही उन्नाव के लिए रवाना हो गए थे। वहां इंस्पेक्टर के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद सुबह के समय परिजन गांव के लिए रवाना हो गए हैं।
नौगांवा सादात के गांव स्वर्गीय पीतम सिंह विजीलेंस में इंस्पेक्टर थे। उनकी मौत के बाद 2012 में अशोक कुमार गुर्जर की मृतक आश्रित में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनाती हुई। कुछ वर्ष बाद उनकी तैनाती जीआरपी लखीमपुर खीरी में हो गई। जीआरपी में रहते हुए उनका इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोशन हुआ। छह माह बाद उन्हें सिविल पुलिस में तैनाती मिली। जिसके बाद उन्नाव के एसपी ने उन्हें समीपुर थाने के कोतवाल की जिम्मेदारी सौंपी। अशोक कुमार की पत्नी संजू व बच्चे लखीमपुर में ही रहते हैं।
बताया जाता है कि रविवार रात अशोक ने थाने में सरकारी कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मुहर्रम के चलते गश्त करके लौटे थे। रात में जब पत्नी ने उन्हें फोन किया तो रिसीव नहीं हुआ। बाद में संजू ने उनके हमराह को फोन किया तो घटना का पता चला। रात में इंस्पेक्टर के परिजन वहां पहुंचे। वहीं, अशोक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सुबह के समय परिजन गांव के लिए रवाना हो गए।
उधर, घटना का पता लगते ही गांव में मातम पसर गया है। परिवार के लोगों का कहना है कि अशोक एक माह पूर्व छुट्टी पर गांव आए थे। तब वह सभी से हंसी खुशी मिले और तनाव जैसी कोई बात नहीं थी। शाम को उनकी पत्नी से भी बात हुई थी। लेकिन, देर रात अचानक ऐसा क्या हुआ कि अशोक ने यह कदम उठा लिया। परिवार के लोगों का कहना है कि देर रात उनके पास किसी अधिकारी को फोन आया। उनसे बात करने के बाद वह कुछ परेशान दिखे। जिसके बाद उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोपहर बाद तक अशोक का शव में पहुंचेगा।