अमरोहा। तापमान के गिरावट से माहू कीट का प्रकोप देखा जाने लगा है। जिसमें यह कीट पौधे की पत्ती एवं तने के रस को चूस कर नुकसान पहुंचाते हैं। कृषि रक्षा विभाग ने इस कीट से बचाव के लिए किसानों को उपचार की सलाह दी है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. राजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि तापमान में गिरावट का असर सरसों की फसल पर पड़ रहा है। मौसम के बीच सरसों की फसल में माहू कीट का प्रकोप होने लगा है। जिसमें इस कीट के निम्फ एवं वयस्क दोनों ही पौधे की पत्ती व तने से रस चूसते हैं। जिससे पौधे की बढ़वार रुक जाती है और फलियों एवं बीज का विकास भी प्रभावित होता है। जिसके चलते फसल में 25 से 40 फीसदी तक की हानि हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसके बचाव के लिए अगर खेत में लेडी बर्ड बीटल, जो मित्र कीट हैं, की उपस्थिति देखने को मिल रही है तो एग्रो इको सिस्टम एनालेसिस के तहत किसी भी कीटनाशी का उपयोग न करें, लेकिन अगर लेडी बर्ड बीटल की उपस्थिति नहीं है, तो इमिडाक्लोरप्रीड 17.8 प्रतिशत एसएल को 0.5 मिली लीटर प्रति लीटर पानी की दर से मिलाकर छिड़काव करने से इससे छुटकारा पाया जा सकता है।