मंडी धनौरा। यूरिया की कालाबाजारी व दुरुपयोग रोकने के लिए अब एक हेक्टेयर भूमि पर किसान को एक सीजन में केवल सात बोरा यूरिया व पांच बोरा एनपीके ही मिलेगा। किसान की भूमि व आपूर्ति का पूरा ब्यौरा पाॅस मशीन पर अंगूठा दबाते ही सामने आ जाता है। धनौरा पश्चिमी सहकारी समिति के प्रबंध निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि किसानों को यूरिया व डीएपी की आपूर्ति के लिए नया नियम जारी किया गया है। अब एक सीजन में यानि एक अप्रैल से 30 सितंबर तक एक हेक्टेयर भूमि वाले किसान को सात बोरा यूरिया व पांच बोरा डीएपी या एनपीके मिलेगा। इससे अधिक भूमि वाले किसान को यूरिया व डीएपी लेने के लिए हलफनामा दाखिल करना होगा। नए नियम के चलते किसान अपनी जरूरत के लिए ही यूरिया की खरीदारी कर रहे हैं। क्षेत्र की सभी सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध है।