गजरौला। पुलिस-प्रशासन ने धनौरा तहसील क्षेत्र के गंगा पार तीन गांवों के लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर बोई गई फसलों को नष्ट कराया। तीन ट्रैक्टर से जुताई कराने के बाद 300 हेक्टेयर भूमि वन विभाग के कब्जे में दिलाई गई। इस दौरान सुरक्षा के लिए सीओ के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैद रहा। बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व भगवान शरण, एडीएम न्यायिक माया शंकर यादव, एसडीएम धनौरा राजीव राजीव, एसडीएम न्यायिक चंद्रकांता, तहसीलदार भगत सिंह, सीओ अरुण कुमार सिंह गजरौला थाना पुलिस और लेखपालों के साथ गंगा पार पहुंचे। डीएफओ देवमणि मिश्रा को भी बुला लिया गया। लेखपालों की टीम ने जलालपुर एहतमाली, जलाल नगर उर्फ राय अंदाजपुर और बसंतपुर गांव के जंगल में वन विभाग की भूमि पर खड़ी फसलों की नापतौल कराई। इस दौरान तीन सौ हेक्टेयर भूमि पर माफिया का कब्जा पाया गया। जिस पर गेहूं की फसल लहलहा रही थी। इसके अलावा पालेज खड़ी थी। कुछ भूमि पर बसंतकालीन गन्ने की बुवाई की गई थी। भूमि की नापतौल के बाद फसलों को नष्ट कराने के लिए तीन ट्रैक्टरों से जुताई कराई गई।
इस दौरान दूर दूर तक खेतों में पुलिस-प्रशासन और लेखपाल ही दिखाई दे रहे थे। 12 बजे से तीन ट्रैक्टरों ने फसल को जोतने का काम किया। करीब चार बजे तक फसलों को नष्ट कर दिया गया। इसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व व एडीएम न्यायिक ने वन विभाग के अफसरों को जमीन पर कब्जा दिलाया। कहा कि उनके सामने ही अपनी भूमि पर हदबंदी कर लें। जिससे बाद में कोई अवैध कब्जा न कर ले। डीएफओ ने बताया कि कब्जे में ली गई जमीन पर जल्द ही तारबंदी कराई जाएगी। जिससे दोबारा अतिक्रमण न हो सके।