हसनपुर (अमरोहा)। भारतीय किसान यूनियन शंकर की पंचायत मंडी समिति में हुई। इसमें मध्य गंगा नहर के निर्माण का मुद्दा छाया रहा। तहसील अध्यक्ष देवेंद्र सैनी ने कहा कि मध्यगंगा नगर का निर्माण 2008 में शुरू किया गया था। इसके निर्माण के लिए 1061 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। इसके बाद 2018 में 1300 करोड़ रुपये मंजूर हुए, लेकिन आजतक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। जिसकी वजह से मंडी धनौरा, गजरौला और हसनपुर क्षेत्र में हजारों की तादात में किसान बाढ़ के पानी से परेशान होते हैं। इसे शीघ्र चालू कराया जाए। जिससे लोगों को बाढ़ से राहत मिल सके और किसानों को फसलों की सिंचाई से राहत मिल सके।
पंचायत की अध्यक्षता ओमपाल सिंह व संचालन उदयवीर सिंह ने किया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष देवेंद्र सैनी ने कहा कि हर घर हर घर नल योजना के तहत गांवों में ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन ठेकेदारों द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। मांग की कि छुट्टा पशुओं को पकड़वाकर गोशाला भिजवाया जाए। ग्राम तरौली में ग्राम समाज की करीब 400 बीघा, पिपलौती खुर्द में 1000 बीघा, सतेड़ा में 950 बीघा, ख्वाजेपुर में 2000 बीघा, सिरसा गुर्जर में 2000, ओसीता जग्देपुर में 700 बीघा ग्राम समाज की भूमि पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर रखा है। भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष धीरज सिंह, महेंद्र सिंह, मेघराज सिंह, हरके सिंह, टीकाराम सैनी, शेर सिंह राणा, राजेंद्र सिंह, ओमपाल सिंह, मनवीर सिंह, भोजराम सिंह, कृपाल सिंह, नफीस, रामौतार, सुनील, वीरपाल, दौलत सिंह आदि मौजूद रहे।