वैसे तो नौगांवा सादात तहसील मुख्यालय वर्षों पहले बन गया था, लेकिन क्षेत्र के लोगों को रोडवेज बस अड्डे की दरकार है। दिल्ली के लिए शुरू हुई बस सेवा भी ठप हो गई। अगर रोडवेज बस अड्डा बने तो क्षेत्र के लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी। वहीं, जैकेट कारोबार को भी नई उड़ान मिल सकेगी। वर्षों से चल रही रोडवेज बस अड्डे की मांग से क्षेत्र के लोग आज भी वंचित हैं।
नौगांवा सादात अमरोहा मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर है। कई वर्षों तक चली कवायद के बाद करीब सात साल पहले नौगांवा सादात को तहसील का दर्जा मिला। इसके बाद एसडीएम-तहसीलदार समेत कई अधिकारियों ने बैठना शुरू किया। वैसे तो अमरोहा रोडवेज डिपो से बिजनौर जाने वाली बस नौगांवा सादात से गुजरती हैं, लेकिन दिल्ली में या अन्य शहरों के लिए यहां के लोगों को अमरोहा आना पड़ता है या फिर डग्गामार बस का सहारा लेना पड़ता है। नौगांवा सादात की पहचान जैकेट से है। यहां की जैकेट दिल्ली एनसीआर समेत देश के कई राज्यों में जाती है।
ढोलक के बाद एक जिला एक उत्पाद में रेडीमेड को लिया गया है, जिसमें नौगांवा सादात की जैकेट भी शामिल है। जैकेट का बड़ा कारोबार होने के चलते यहां के लोगों को दूर तक की यात्रा करनी पड़ती है। इतना ही नहीं यहां के लोग बड़ी संख्या में विदेश में नौकरी करते हैं, जो मोहर्रम और ईद के मौके पर आते हैं, लेकिन रोडवेज बस अड्डे नहीं होने के कारण लोगों को यात्रा करने में परेशानी उठानी पड़ती है। करीब एक साल पहले पूर्व विधायक संगीता चौहान के कहने पर नौगांवा सादात से दिल्ली के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू की गई थी, जो ठप हो गई है। स्थिति यह है कि नौगांवा सादात के लोगों को शहर से बाहर जाने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। यहां के लोगों ने कई बार रोडवेज बस अड्डे के लिए मांग की है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई कवायद नहीं की गई।
- नौगांवा सादात में रोडवेज बस अड्डा नहीं है। अमरोहा से बिजनौर को जाने वाली बस भी यहां नहीं रुकती। क्षेत्र के लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। - शबाब आलम, अध्यक्ष, तहसील बार एसोसिएशन नौगांवा सादात
- नौगांवा सादात में जैकेट का बड़ा कारोबार है। यहां की जैकेट देशभर के राज्यों में जाती है। लेकिन, यहां न तो रोडवेज बस अड्डा बना है और न बसों के रुकने की व्यवस्था है। एक साल पहले दिल्ली के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू की गई थी, जो कुछ दिन चलने के बाद बंद हो गई। - मोहम्मद हादी, कारोबारी, नौगांवा सादात