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Amroha News: ...खुदा से तेरे सिवा और कुछ नहीं मांगा, जिधर भी देखूं मुझे तू ही तू नजर आया

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तिगरीधाम। श्री वेंकटेश्वरा विश्वविद्यालय की ओर से ऐतिहासिक गंगा मेले में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों व कवियों ने अपनी-अपनी रचनाएं पेश करके खूब वाह-वाही लूटी। तिगरी मेले के कल्चरल ग्राउंड में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की शुरूआत फरीदाबाद से आए प्रख्यात कवि दिनेश रघुवंशी ने की। उन्होंने कहा...मिटा पर मातृभूमि की पीर हर आया, सलामी दो, वो अपने पूर्ण सारे फर्ज कर आया, सलामी दो। अनामिका जैन अंबर ने ऐसे कहा...जो कानों तक नहीं पहुंचे, वही अल्फाज मत होना, जिसे दिल जान ना पाए, कभी वो राज मत होना। सपना सोनी ने ऐसे कहा...जमीन पे चांद मेरे सामने उतर आया, जिसे निहार मेरे दिल में प्यार भर आया। खुदा से तेरे सिवा और कुछ नहीं मांगा। जिधर भी देखूं मुझे तू ही तू नजर आया।
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सरदार प्रताप फौजदार ने यूं कहा...10 साल कुर्सी पर बैठने के बाद भी उन्हें एहसास ही नहीं हुआ कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं, इसलिए सिर्फ सरदार होना जरूरी नहीं है, असरदार होना चाहिए। चेयरमैन वेंकटेश्वरा समूह डॉ. सुधीर ने कहा कि धार्मिक उत्सव न सिर्फ आस्था के, बल्कि उमंग, उल्लास एवं राष्ट्रीय एकता के उद्घोषक हैं। कवि सम्मेलन को देश के नामचीन कवि सर्वेश अस्थाना, अनिल अनल, डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. प्रवीण राही, कशिश मुरादाबादी एवं राहुल शर्मा समेत एक दर्जन से अधिक कवियों ने संबोधित किया। इस अवसर पर डीएम राजेश कुमार त्यागी, एसपी कुंवर अनुपम सिंह, सीडीओ अश्वनी मिश्र, मेला अधिकारी मायाशंकर यादव, प्रति कुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कवियों को पगड़ी, पटका संविधान की पुस्तक एवं अशोक स्तंभ भेंट कर सम्मानित किया।
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