अमरोहा। विवाहिता की मौत के मामले में कोर्ट ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी मानते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 70 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
यह मामला सैदनगली थाना क्षेत्र के गांव गलसुआ से जुड़ा है। यहां रहने वाले तहजीब की शादी जनपद संभल के थाना असमोली के गांव कमालपुर निवासी नूरबानो के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद ससुराल वाले विवाहिता पर मायके से दहेज लाने का दबाव बनाते थे। छह मई 2021 को विवाहिता की मौत हो गई थी। मायके वाले नूरबानो की ससुराल पहुंचे तो उसका शव घर में चारपाई पर पड़ा था। पोस्टमार्टम में विवाहिता नूरबानो के फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई थी।
पुलिस ने इस मामले में पति तहजीब, ससुर रियाजुद्दीन व सास मेहशर के खिलाफ दहेज हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। तीनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। सास व ससुर को जमानत मिल गई थी, जबकि पति को जमानत नहीं मिली थी। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व त्वरित कोर्ट प्रथम नाजनीन बानो की अदालत में चल रहा था।
मंगलवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए तहजीब को उसकी पत्नी नूरबानो को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी करार दिया। जबकि, उसके माता-पिता को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सर्वेश शर्मा ने बताया कि अदालत ने तहजीब को सात साल कैद की सजा सुनाई है। जबकि उस पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।