अमरोहा में पत्नी की गला काटकर निर्मम हत्या करने के दोषी पति को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। गिरफ्तारी के बाद से ही दोषी जेल में बंद है, उसे जमानत नहीं मिल सकी थी।
ये घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव रामपुर भूड़ की मढैया गांव में हुई थी। यहां पर किसान पदम सिंह का परिवार रहता है। पदम सिंह नशा करने और जुआ खेलने का आदी था। जुए में हारने के कारण पदम सिंह पर करीब चार लाख रुपये का कर्ज भी हो गया था। उसकी पत्नी इंद्रवती इसका विरोध करती थी। इसके चलते दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़ा रहता है।
पत्नी से छुटकारा पाने के लिए 18 नवंबर 2018 की शाम तीन बजे पदम सिंह पत्नी इंद्रवती को आम के बाग में ले गया और यहां पैर बांधकर पेड़ पर उल्टा लटका दिया था। इसके बाद पदम सिंह ने इंद्रवती की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी थी। घर आकर पदम सिंह ने पत्नी को मारने की बात अपने बेटे ओमवीर को बताई था। इस मामले में बेटे ओमवीर में अपने पिता पदम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
बाद में पुलिस ने पदम सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तभी से वह जेल में बंद है, उसे जमानत नहीं मिल सकी थी। ये मुकदमा एडीजे चतुर्थ सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को न्यायालय में मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम भरोसे ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय में पदम सिंह को दोषी करार दिया और उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।