दहेज उत्पीड़न के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी पति को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना लगाया है।
यह मामला देहात थानाक्षेत्र के आरजू इंकलेब कॉलोनी का है। यहां रहने वाली चंचलता ने महिला थाने पर तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी शादी 28 नवंबर 2011 को थाना गजरौला के बहलोलपुर गांव निवासी रोहताश के साथ हुई थी। शादी में उसके पिता ने काफी उपहार दिया था। लेकिन ससुराल वाले दहेज पांच लाख रुपये के लिए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करते थे। इस मामले में महिला थाना पुलिस ने चंचलता के पति रोहताश और उसके सास-ससुर, जेठ व ननद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। मामले में पुलिस ने जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। यह मामला न्यायिक मजिस्ट्रेट/फास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन था। शुक्रवार को न्यायालय ने मुकदमें में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी कौशल किशोर और अखिलेश मिश्रा ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने रोहताश को दोषी करार दिया और तीन साल की सजा और जुर्माना लगाया है। मुकदमा विचारण के दौरान ससुर की मौत हो चुकी थी। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने सास, जेठ और ननद को दोषमुक्त कर दिया है।