अमरोहा। खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से अमरोहा के मालीखेड़ा में बनाया गया स्पोर्ट्स स्टेडियम सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ियों के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म नहीं बन पा रहा है। पुलिस भर्ती की तैयारियों में लगे युवाओं को भी सड़कों और पगडंडियों का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिले को 11 माह पूर्व स्टेडियम की सौगात मिली थी। खेल मंत्री रहे चेतन चौहान के प्रयास से खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए मालीखेड़ा में 53 बीघा जमीन में 10.69 करोड़ की लागत से स्टेडियम का निर्माण कराया गया था लेकिन सुविधाओं के अभाव में खेल प्रतिभाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बजट के अभाव में कई काम अभी भी यहां अधूरे हैं। बार-बार बजट के लिए प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी स्टेडियम में सुविधाओं को बढ़ाने के लिए शासन द्वारा बजट नहीं मिल सका है। अभी भी यहां कबड्डी, वॉलीबाॅल, क्रिकेट आदि के कोच नहीं मिल सके हैं। स्टेडियम होने के बाद भी इसका लाभ खेल प्रतिभाओं को नहीं मिल पा रहा है। पुलिस भर्ती के लिए तैयारियों लगे युवाओं को भी प्रैक्टिस के लिए सड़काें अथवा गांव की पगडंडियों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका अमरोहा का नाम, सुविधा कुछ नहीं
क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद शमी ने अपनी प्रतिभा के दम पर अमरोहा का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकाया है। युवाओं एवं खिलाड़ियों के प्रेरणास्रोत मोहम्मद शमी के गृह जनपद में ही खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। हालांकि स्टेडियम में प्रशासन के सहयोग से पिच तैयार तो की गई है। लेकिन अभी पिच के न सूखने के कारण उस पर खेल नहीं हो रहे हैं। क्रिकेट का कोच भी अभी स्टेडियम को नहीं मिल सका है।
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क्या कहते हैं युवा
पुलिस भर्ती की तैयारी में लगे अव्वलपुर निवासी रोहित का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्टेडियम से भर्ती में लगे युवाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। वह रोजाना सुबह सुबह सड़कों पर दौड़ कर तैयारी में लगे हैं।
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पुलिस भर्ती की तैयारी करने वाले आकाश कुमार का कहना है कि भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं को स्टेडियम में कोच का निर्देशन मिले तो अलग ही बात हो। इससे उन्हें फिजीकल की तैयारी करने में भी आसानी हो सकेगी।
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सिवोरा निवासी अंकुर का कहना है कि वह फिलहाल गांव में ही फिजीकल की तैयारी कर रहे हैं। भर्ती की तैयारी में लगे युवाओं को स्टेडियम का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए स्टेडियम की सुविधाओं को बढ़ाना चाहिए।
डिडौली निवासी हर्षित का कहना है कि वह काफी समय से पुलिस भर्ती की तैयारी में लगे थे। जिसके लिए वह गांव की सड़कों पर दौड़ कर फिजीकल को मजबूत बना रहे हैं। अगर उनकी तैयारियों में स्टेडियम का सहयोग मिलता तो वह और भी बेहतर कर सकते हैं।
लगातार शासन स्तर से बजट की मांग की जा रही है। इसके लिए पत्र भी भेजे जा चुके हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बजट के साथ अन्य सुविधाएं मिल जाएंगी। फिलहाल युवाओं की प्रतिभा निखारने के प्रयास किए जा रहे हैं।-देशकांत त्यागी, जिला क्रीड़ा अधिकारी