हाईवे चौड़ीकरण के लिए शहवाजपुर डोर के निकट टूटी पुलिया के बराबर नई पुलिया बनाने का काम इस कदर धीमी रफ्तार से चल रहा है कि 15 महीने में फाउंडेशन का भी निर्माण पूरा नहीं हो सका। निर्माण कार्य तेजी से नहीं चलने के कारण 20 किमी लंबे हाईवे चौड़ीकरण का कार्य अधूरा पड़ा है। जिसका खामियाजा हाईवे से 24 घंटे में गुजरने वाले 40 हजार वाहन और उनमें सफर करने वाले लोग भुगत रहे हैं।
फोरलेन हाईवे को सिक्सलेन बनाए जाने का काम वर्षों से चल रहा है। जिसका निर्माण आईआरबी कंपनी करा रही है। कंपनी पर हापुड़ से मुरादाबाद तक सिक्सलेन का जिम्मा है। गजरौला से मुरादाबाद और हापुड़ से ब्रजघाट तक सिक्सलेन का अधिकांश कार्य हो गया है लेकिन ब्रजघाट से गजरौला तक 20 किमी लंबे मार्ग को चौड़ीकरण में वन विभाग आड़े गया। कारण यह क्षेत्र सेंचुरी के अंतर्गत आता है। जहां पर निर्माण के लिए वन विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है। बीते साल जून में अनुमति लेकर चौड़ीकरण के लिए शहवाजपुर डोर के निकट टूटी पुलिया के बराबर नई
पुलिया बनाने का काम शुरू कर दिया। निर्माण कार्य इस कदर धीमी गति से चल रहा है कि 15 महीने बीत गए, लेकिन अभी तक पुलिया निर्माण के लिए फाउंडेशन बनाए जाने का भी पूर्ण नहीं हुआ है। जिसके कारण हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य अटका है। हाईवे चौड़ीकरण नहीं होने का खामियाजा 24 घंटे में गुजरने वाले 40 हजार वाहनों और उनमें सफर करने वाले लोग भुगत रहे हैं। एसडीएम हसनपुर सुधीर कुमार का कहना है कि हाईवे चौड़ीकरण और पुलिया निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। उन्होंने निर्माण में तेजी लाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखा है।