दिल्ली-लखनऊ हाईवे आधे घंटे तक अंधेरे में डूबा रहा। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हुई, जो शाम को हाईवे से गुजरते हुए घर लौटने की तैयारी कर रहे थे।
कई बार लोग यह कहते हुए सुने गए कि दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर शाम को कुछ लाइट नहीं जलतीं। इससे आसपास अंधेरा रहता है। इस अंधेरे में हाईवे पर वाहनों के साथ हादसे का डर बना रहता है। बीते रविवार शाम 7:15 बजे हाईवे को रोशन करने के लिए अधिकांश लाइट जल गईं, लेकिन मोहम्मदाबाद के पास अंधेरा छाया हुआ था, जबकि शाम को मोहम्मदाबाद, दयावली खालसा, कबीरपुर, कासमाबाद व आसपास के गांवों के हजारों लोग ब्रजघाट और गजरौला में काम कर लौट रहे थे। हाईवे पर अंधेरे में गुजरते समय यह डर बना रहा कि पीछे से आया तेज रफ्तार वाहन उनको रौंद न जाए। अंधेरे के कारण पैदल लोगों और साइकिल सवारों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे चौड़ीकरण कंपनी के जीएम ललित मोहन तिवारी का कहना है कि आपूर्ति बंद होने के कारण हाईवे के कुछ हिस्से पर थोड़ी देर के लिए अंधेरा रहा था।