अमरोहा। डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव सहसपुर अलीनगर में रहने वाले हेड कांस्टेबल के छोटे भाई उवैस की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। घटना से एक दिन पहले पिटाई का बदला लेने के लिए ढकिया चमन के बहाव के कहने पर सिनौरा गांव के मुसरेन ने उवैस को गोली मारी थी। गोली लगने से पहले भी बहाव ने फायर किया था जो मिस हो गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गन्ने के खेत तमंचा और खोखा कारतूस बरामद कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया है।
एएसपी राजीव कुमार सिंह ने पुलिस ऑफिस में घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सहसपुर अलीनगर में रहने वाले मोहम्मद उमर के परिवार में पत्नी के अलावा चार बेटे हैं। बड़ा बेटा जावेद किसान हैं। जबकि दूसरे नंबर का बेटा जुबैर यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल है। वर्तमान में उसकी तैनाती रामपुर जनपद में है। वहीं जुनैद और उवैस छोटे बेटे हैं। उवैस इंटर तक की पढ़ाई करने के बाद विदेश जाने की तैयारी में था। उसका पासपोर्ट और वीजा तैयार हो गया था। सोमवार को उवैस अपने चचेरे भाई सुबेब, फैजान अपने दोस्त जिलानी निवासी दीपपुर के साथ सिनौरा गांव में पूर्व प्रधान जावेद के दफीने में शामिल होने के लिए जा रहे थे। एक बाइक उवैस चला रहा था, जिसके पीछे जिलानी बैठा हुआ था।
जबकि दूसरी मोटरसाइकिल फैजान और सुबेब सवार थे। चारों नीलीखेड़ी गांव अंडरपास के रास्ते होते हुए सिनौरा जाने वाले चौराहे पर पहुंचे थे। तभी ढकिया गांव निवासी बहाव, उसका भाई हमजा और सिनौरा का रहने वाला मुसरेन ने उवैस पर हमला कर दिया। सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में नामजद आरोपी बहाव और मुसरेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि मुसरेन और बहाव दोनों अच्छे दोस्त हैं। 30 जुलाई को क्षेत्र के गांव नीलोखेड़ी में मेला लगा हुआ था। यहां बहाव और अब्दुल कादिर उर्फ सीमाब के बीच झगड़ा हो गया था। तभी उवैस ने बहाव की पिटाई कर दी थी। उसके बाद बहाव पिटाई का बदला लेने के फिराक में लग गया। इस बीच बहाव और अब्दुल कादिर उर्फ सीमाब के बीच समझौते की बात हुई लेकिन जैसे ही बहाव को पता चला कि उवैस अपने साथियों के साथ सिनौरा गांव के पूर्व प्रधान जावेद के दफीने में शामिल होने जा रहा है। तभी उन्होंने रास्ते में ही उवैस को मारने की योजना बना डाली। आरोप है बहाव ने अपने दोस्त अरबाज, आकिब, साजिद निवासी मूंढा इम्मा और नाजिम अरबाज निवासी नीलीखेड़ी को भी मौके पर बुला लिया।
बाद में सभी लोग सिनौरा से नीलीखेड़ी को जाने वाले रास्ते पर खड़े हो गए। उवैस के यहां पहुंचते ही बहाव ने तमंचा निकाल कर फायर कर दिया जो मिस हो गया था। लेकिन बहाव और उसके भाई हमजा के कहने पर मुसरेन ने उवैस की सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से भाग निकले और तमंचे को गन्ने के खेत में छिपा दिया था।