अमरोहा। हजरत अली की यौमे विलादत के सिलसिले में शहर में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। कहीं लंगर का इंतजाम किया गया तो कहीं सबील लगाकर राहगीरों की प्यास बुझाई गई। घरों में भी नजर ओ नियाज हुई।
मंडी चौब चौराहे पर अंजुमन ए असगरी ने सबील लगा कर समोसे वितरित किए। राहगीरों को मुबारकबाद देकर हजरत अली की यौमे विलादत पर भाईचारे का संदेश दिया। वहीं, अंजुमन रजाकाराने हुसैनी के तत्वावधान में अली डे के उपलक्ष्य में कोट चौराहे पर सबील लगा कर उन्होंने राहगीरों को हलवा ओर फलों का वितरण किया। जनरल सेक्रेटरी खुर्शीद हैदर जैदी ने कहा कि हजरत अली पहले इमाम थे। इस दौरान नजीर हैदर, हुसैन हैदर, शाने मेहंदी, मोहम्मद तकी, चंदन नकवी, जाफर रजा आदि मौजूद रहे। मोहल्ला लकड़ा के निकट मस्जिद अब्दाल मोहम्मद के गेट से अंजुमन तहाफुज्जे अजादारी के पूर्व पदाधिकारी की ओर से हलवा बांटा गया। पूर्व जनरल सेक्रेटरी जिया एजाज ने कहा कि इस्लाम को घर-घर तक पहुंचाने में मौला अली ने अहम योगदान दिया। शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, योद्धा व प्रशासक सभी गुण उनके अंदर विद्यमान थे।
वहीं, अहले मोहल्ला लकड़ा की ओर से लंगर की व्यवस्था कर भूखों को खाना खिलाया गया। कासिम आब्दी ने दामादे रसूल की शान में कव्वाली भी कराई। हजरत शाह विलायत एजुकेशनल ग्रुप ने सभी को मुबारकबाद पेश की। दरगाह वक्फ मॉलवी सैयद मोहम्मद इब्राहिम अली हजरत नसरुद्दीन शाह में प्रशासक सादिक रजा नकवी ने लंगर का आयोजन किया। तिलावत कर मौलाना डॉ. एहसान अख्तर ने आगाज किया। शहर में जगह-जगह महफिले समा आयोजित हुई। मोहल्ला हक्कानी व नौबतखाना में राहगीरों को सबील लगाकर पानी पिलाया। मोहल्ला दानिशमंदान में अंजुमन इमामिया की ओर से सबील लगाई गई।