अमरोहा। कृषि उपयोग में आने वाले यंत्रों पर जीएसटी खत्म करने समेत अन्य मांगों के समाधान के लिए भाकिसं के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम बीके त्रिपाठी को सौंपा। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा के नेतृत्व में तमाम किसान एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। कहा कि भारत सरकार ने 1 जुलाई 2018 से एक देश एक कर के आधार पर जीएसटी लागू किया। देश भर में सभी उत्पादकों के लिए जीएसटी कानून के आधार पर लागू किया गया। इसी कानून और जीएसटी काउंसिल के निर्णय अनुसार पशु शक्ति या मनुष्य शक्ति चलित कृषि यंत्र के ऊपर जीएसटी लागू नहीं होगा, यह एक अच्छा और स्वागत योग्य कदम है। लेकिन, आगे चलकर जितने भी आदान कृषि में उपयोग होते हैं उनके ऊपर 5 से 28 प्रतिशत तक जीएसटी लग रहा है। जीएसटी कानून व्यवस्था के अंतर्गत सभी उत्पादकों को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलता है, लेकिन किसानों को इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे लगता है कि जीएसटी काउंसलिंग किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करता है। भाकिसं ने 19 दिसंबर 2022 को दिल्ली के रामलीला मैदान में केंद्र सरकार को बताया था कि किसानों को इनपुट क्रेडिट उपलब्ध कराओ नहीं तो सभी कृषि आदानों पर जीएसटी को शून्य करें। सरकारी बीज केंद्रों से खरीदे गए गेहूं, धान, ढेंचा आदि सामान्य व प्रदर्शन के बीजों की छूट का पैसा किसानों को दिलवाने, सरकारी बीज केंद्र प्रभारी हसनपुर द्वारा फ्री मिनी किट वितरण में धांधली की जांच कर कार्यवाही करने, खाद विक्रेताओं द्वारा खाद के साथ नेनो यूरिया जबरन देने पर अंकुश लगाने, आदि की मांगों को पूरा करने को कहा। इस दौरान वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से जिला मंत्री आलोक, जिलाध्यक्ष महिला ऊषा चौधरी, उपाध्यक्ष गंगाराम पुजारी, चंद्र प्रकाश शर्मा, सुखदेव शर्मा, महीपाल सिंह, देवेश कुमार शर्मा, देवीशरण, पुष्पेंद्र शर्मा, धर्मपाल सिंह, बृजनंदन सिंह, मोनू गुप्ता, सतीश त्यागी आदि शामिल हैं।