पीएम आवास योजना में घर पाने के लिए शासन की ओर से निर्धारित की गई पात्रता की शर्तों का ग्राम प्रधानों ने विरोध किया। योजना के सर्वेक्षण के लिए बुलाई बैठक में प्रधानों ने हंगामा करते हुए बहिष्कार कर दिया। चेतावनी दी कि वे सर्वेक्षण के लिए होने वाली ग्राम पंचायत वार बैठक भी आयोजित नहीं होने देंगे। ग्राम प्रधानों ने बीडीओ को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है।
पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों के चयन के लिए बृहस्पतिवार को ब्लाॅक सभागार में बैठक होनी थी। बैठक में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान मौजूद थे। बीडीओ विजय सक्सेना ने पीएम आवास पाने के लिए शासन द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लेख किया तो प्रधानों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि सरकार की निर्धारित पात्रता की शर्तों को ग्रामीण क्षेत्र में एक भी परिवार पूरा नहीं कर पाएगा। बीडीओ ने बताया कि कृषि उपकरण, पक्की दीवार, 15 हजार रुपये से अधिक मासिक आय वाले, ढाई एकड़ भूमिधर किसान, तिपहिया वाहन आदि रखने वालों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
बीडीओ ने बताया कि सर्वेक्षण के समय पात्र लोगों को दो साल बाद आवास मिलेगा। इस पर प्रधानों ने हंगामा शुरू कर दिया। ग्राम प्रधान बैठक का बहिष्कार कर बाहर आ गए। उन्होंने ग्राम पंचायत वार होने वाली बैठकों का बहिष्कार किए जाने का ज्ञापन बीडीओ को सौंपा। इस मौके पर प्रधान संघ के अध्यक्ष उधम सिंह, हरीश यादव, राजपाल सिंह, धर्मवीर भाटी, रूद्रप्रताप सिंह, नवीन कुमार, जबर सिंह, सुमित दिवाकर, फाजिल जैदी, विक्रम सैनी मौजूद रहे।