अमरोहा। कोरोना काल में लॉकडाउन के बाद रोजगार के संकट के बीच एक सोच ने दरियापुर निवासी कृष्णपाल सिंह की किस्मत तो बदली ही, साथ ही उन्होंने कम पूंजी में ही छह अन्य लोगों को भी रोजगार का सहारा दिया। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत लाभान्वित कृष्णपाल सिंह को प्रदेश में तीसरा स्थान मिला। बृहस्पतिवार को लखनऊ लोक भवन में आयोजित हुए कार्यक्रम में उनको सीएम ने प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत जोया ब्लॉक के गांव दरियापुर निवासी कृष्णपाल सिंह ने दो साल पहले योजना के लिए आवेदन किया था। योजना के तहत ही उन्होंने काम शुरू करने के लिए बैंक में दो लाख रुपये ऋण के लिए आवेदन किया। लेकिन बैंक ने उनका दो लाख रुपये की जगह केवल 96 हजार का ही ऋण स्वीकृत किया। इसके बाद उनको ग्रामोद्योग विभाग की और से दस दिन का व्यवहारिक प्रशिक्षण मिला। 96 हजार के ऋण की पूंजी में उन्होंने अपने पास से करीब चार हजार रुपये लगाकर सिलाई का काम शुरू कर दिया। जैसे जैसे काम में तरक्की हुई, उन्होंने एक-एक कर सिलाई मशीनें बढ़ाना शुरू कर दिया। इससे सिलाई के कारीगर भी उनके साथ जुड़ते गए।
फिलहाल उनके पास चार सिलाई कारीगरों समेत छह लोग काम कर रोजगार पा रहे हैं। वह कम पूंजी के साथ आत्मनिर्भर तो बने ही साथ ही उन्होंने छह अन्य लोगों को रोजगार का सहारा भी दिया। एक कंपनी से अनुबंध के आधार पर वह कच्चा माल उठाकर रेडीमेड गार्मेंट्स तैयार करते हैं। इसके लिए उनका चयन प्रदेश स्तरीय पुरस्कार के लिए किया गया था। कृष्णपाल सिंह को योजना के तहत प्रदेश में तीसरा स्थान मिला। बृहस्पतिवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उनको प्रशस्तिपत्र एवं बीस हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत कृष्णपाल सिंह ने जिले का नाम प्रदेश स्तर पर चमकाया है। उनको तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। योजना के तहत लाभार्थी कोई भी निर्माण इकाई एवं सर्विस सेक्टर से जुड़ा काम शुरू कर सकते हैं। जिसमें टैंट, शटरिंग, मोबाइल रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर आदि का काम शुरू किया जा सकता है।