गजरौला। बिजनौर बैराज से 55325 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद तिगरी में गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया। मगर ग्रामीणों की समस्या बरकरार है। श्रमदान कर बनाया बांध कट जाने से ग्रामीणों के सामने चारा आदि लाने में बड़ी दिक्कत सामने आ रही है।
कई दिन से हुई बारिश व शनिवार रात बिजनौर बैराज से गंगा में 134964 क्यूसेक पानी और हरिद्वार से 88860 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने के कारण रविवार जल स्तर 100 सेंटीमीटर बढ़ गया। जहां शनिवार को तिगरी में गंगा का जल स्तर 199.10 मीटर दर्ज किया गया था, वहीं रविवार को बढ़ कर 200.10 मीटर हो गया। जिससे गंगा किनारे की दुकान, होटल, ढाबे, चाय-पकौड़ी की दुकान जलमग्न हो गईं। पुरोहितों और फूल प्रसाद बेचने वाले लोगों की झोपड़ियों में पानी भर गया। दो से तीन फिट पानी भर गया। बाढ़ के कारण दहशत में आए ग्रामीण दुकानदार गंगा किनारे से अपनी दुकानों में रखा सामान उठाकर ले गए। तख्त, छप्पर आदि को भी मौके पर नहीं छोड़ा। रविवार को दिन भर दुकानदार, पुरोहित अपना सामान समेट कर ले जाने में लगे रहे। सोमवार को बिजनौर बैराज से 55325 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे जल स्तर में वृद्धि नहीं हुई, बल्कि दोपहर तक जलस्तर स्थिर हो गया। शाम को पानी कम होने लगा। जिससे तिगरी के ग्रामीणों ने राहत ली, मगर शीशोवाली, जहांगीर वाली, भुड्डीवाली, टीकोवाली गांव के ग्रामीणों की समस्याएं कम नहीं हुईं। क्योंकि श्रमदान कर बनाया गया बांध कट जाने से उनको चारा आदि लाने में खासी परेशानी सामने आ रही है। जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि जल स्तर स्थिर हो गया है।
बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि जल स्तर 100 सेंटीमीटर बढ़ गया है।