गजरौला। बिजनौर बैराज से गंगा में 145820 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ कर 200.25 मीटर हो गया। पानी बढ़ने से फसलें पानी में डूब गईं। तिगरी में दुकानें व झोपड़ियां जलमग्न हो गईं हैं। श्मशान घाट तक पानी पहुंच गया है।
रविवार शाम बिजनौर बैराज से गंगा में 145820 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ कर बाढ़ खंड का गेज 200.25 मीटर हो गया, पांच सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ने से गंगा तिगरी के किनारे तक पहुंच गई है। जिससे किनारे बनी झोपड़ियां जलमग्न हो गईं। जलस्तर बढ़ने के कारण खादर में बसे ओसीता जगदेवपुर, तिगरी, पपसरा खादर, मुरादपुर, अलीनगर, चकनवाला, कांकाठेर, मोहम्मदाबाद और टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, जाटों वाली, मंदिर वाली आदि गांवों के ग्रामीणों की फसलें पानी में डूब गई हैं।
ओसीता जगदेवपुर से खेतों को जा रहे मुख्य मार्ग में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर खेतों से चारा ला रहे हैं। सबसे अधिक खतरा फसल नष्ट होने का मंडराने लगा है। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि बिजनौर से पानी छोड़े जाने के कारण तिगरी में गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़ गया है। मंगलवार सुबह तक कम होने की संभावना है।
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