संवाद न्यूज एजेंसी
हसनपुर। हसनपुर तहसील का गंगेश्वरी ब्लॉक, जिसे कभी खादर के पिछड़े और दुर्गम इलाके के रूप में जाना जाता था, आज विकास की नई इबारत लिख रहा है। दशकों तक बाढ़ की विभीषिका और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझने वाला यह क्षेत्र अब प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और कनेक्टिविटी हब के रूप में उभर रहा है। मंगरौला के 75 वर्षीय बुजुर्ग हरिओम शर्मा का कहना है कि एक समय था जब गंगेश्वरी क्षेत्र गंगा नदी की लहरों के बीच घिरा रहता था। हर साल आने वाली बाढ़ न केवल फसलों को बर्बाद करती थी, बल्कि विकास की गति को भी थाम देती थी। कई दशक पूर्व गंगा बांध के निर्माण से लोगों को प्राकृतिक आपदा से तो राहत मिली, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पिछड़े क्षेत्र का ठप्पा नहीं हट सका। आधुनिक परिवहन और उद्योगों की कमी के कारण यहां के युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था। गंगेश्वरी निवासी ठाकुर महेश सिंह का कहना है कि क्षेत्र की तकदीर तब बदली जब उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना गंगा एक्सप्रेस-वे ने यहां कदम रखे। इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिसने हसनपुर को सीधे राजधानी लखनऊ और पश्चिमी यूपी के अन्य बड़े शहरों से जोड़ दिया है।