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महायोजना: 1600 करोड़ से बदलेगी गजरौला की सूरत

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गजरौला। महायोजना लागू होने के बाद अब गजरौला के विकास बयार बहने को तैयार है। आने वाले दस सालों में यहां ट्रांसपोर्ट नगर, नई औद्योगिक इकाइयां, पार्क आदि विकसित कराए जाएंगे। जिसके लिए साढ़े 1600 करोड़ का बजट बनाया गया है। बुधवार को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) के वीसी शैलेष कुमार ने प्रेस वार्ता करते हुए गजरौला के विकास को लेकर तैयार आगामी योजनों के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि गजरौला को विकास के मॉडल के रूप में तैयार किया जाएगा।
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प्राधिकरण के वीसी शैलेष कुमार ने बुधवार सुबह 11 बजे एक होटल में प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि गजरौला की पहचान विश्व स्तर पर है। इसलिए गजरौला को विकास के नक्शे पर लाने के लिए प्राधिकरण कोई कसर नहीं छोड़ेगा। विकास को लेकर आने वाले दस साल में यहां पर साढ़े सोलह सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई-नई फैक्टरी लगेंगी। कॉलोनियां बसेंगी। तिगरी से ब्रजघाट तक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। दस साल में पांच सौ करोड़ रुपये का निवेश आएगा। वीसी ने कहा कि प्राधिकरण मित्र की तरह काम करेगा। किसी का उत्पीड़न मकसद नहीं है, लेकिन अवैध कॉलोनियां बसने नहीं दी जाएंगी।
मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने कहा कि मास्टर प्लान लागू हो गया है। गजरौला का समुचित विकास होगा। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष पति पूर्व विधायक हरपाल सिंह, एई नृपेश सिंह तोमर, सोमवीर सिंह, पिंटू धारीवाल, हैप्पी प्रधान, सुरेंद्र औलख, डॉ. राजीव शुक्ला, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
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ट्रांसपोर्ट नगर व बस अड्डे पर खर्च होंगे 125 करोड़ रुपये

प्राधिकरण के दायरे में गजरौला नगर और आस पास के 22 गांव आ रहे हैं। यहां पर नई कॉलोनियां विकसित होंगी तो लोगों को यातायात की सुविधा के साथ ही माल लाने और भेजने की जरूरत पड़ेगी। जिसके लिए गजरौला क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर बनेगा। बस अड्डा बनाया जाएगा। जिससे लोग किसी भी समय कहीं पर आ और जा सकें। इस पर एमडीए 125 करोड़ रुपये खर्च करेगा। लोगों के टहलने व मनोरंजन के लिए 18 एकड़ में पार्क बनाया जाएगा। जिस पर 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेडियम बनाए जाने का मन है। जिस पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रावधान है।
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उठाई रियायत देने की मांग

एमडीए के उपाध्यक्ष ने मौजूद लोगों और कॉलोनाइजर से सुझाव देने को कहा। जिस पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कॉलोनाइजर की तरफ से कहा कि गजरौला में औद्योगिक इकाइयां होने और नगर हाईवे किनारे स्थापित है। इसलिए देश के तमाम हिस्सों के लोग यहां पर काम करते हैं। कॉलोनाइजर ने उनकी घर की जरूरत पूरी करने के लिए कॉलोनियां बसाईं। बिना कॉलोनाइजर लोगों को रहने के लिए छत नहीं मिल सकती। जो कॉलोनियां बसाई गईं हैं, उनको कुछ रियायत दी जाए।
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एमडीए द्वारा गजरौला में यह कार्य कराए जाएंगे

एमडीए के वीसी ने कहा कि गजरौला में विकास की गंगा बहती दिखाई देगी। यहां पर अलग हट कर कार्य कराए जाएंगे। 18 मीटर से 60 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएंगी। जल निकासी की समस्या नहीं रहेगी। कूड़ा निस्तारण की परेशानी से निजात मिलेगी। वीसी ने कहा कि गजरौला में एमडीए ने एक कॉलोनी बसाई थी। विकास शुल्क के नाम पर जो भी गजरौला के नागरिकों से वसूल किया गया, वह यहीं पर खर्च किया जाएगा। अब तक मास्टर प्लान लागू नहीं था। इसलिए यह समस्या खड़ी हो रही थी कि धनराशि कहां पर खर्च की जाए।

इन कार्यों पर खर्च की जाएगी रकम

नाला निर्माण- 180 करोड़ रुपये

सड़क निर्माण- 300 करोड़ रुपये

पेयजल- 60 करोड़ रुपये

कूड़ा निस्तारण- 25 करोड़ रुपये

सीवर लाइन- 62 करोड़ रुपये

एसटीपी प्लांट- 65 करोड़ रुपये
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रेलवे लाइन पर बनेंगे दो ओवरब्रिज

गजरौला। गजरौला से लेकर ब्रजघाट गंगा पुल व तिगरी तक का क्षेत्र प्राधिकरण के दायरे में आ रहा है। रेलवे लाइन बीच में होने के कारण इधर उधर आने जाने में अड़चन से बचाने के लिए रेलवे लाइन पर दो ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। वीसी ने बताया कि रेलवे लाइन पार करने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ेगी। फाटक खुलने का इंतजार करना नहीं पड़ेगा।
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दो बिजलीघर और आठ उपकेंद्र बनाने पर खर्च होंगे 375 करोड़ रुपये

गजरौला। नई नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हो जाने और कॉलोनियां बस जाने पर बिजली की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए 220 केवीए, 132 केवीए के एक-एक बिजलीघर बनाए जाएंगे। इसके अलावा 33/11 केवी के आठ उपकेंद्र बनाए जाएंगे। बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने पर एमडीए द्वारा 375 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। औद्योगिक इकाइयों और लोगों को बिजली की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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