यूपी के अमरोहा में पुलिस ने चेकिंग के दौरान धोखाधड़ी करने वाले अंतरजनपदीय दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से तमंचा, कारतूस एवं घटना में प्रयोग की गई कार बरामद की है। दो दिन पहले रहरा में एक जन सेवा केंद्र से धोखाधड़ी करके उन्होंने खाते में 62625 की रकम ट्रांसफर कराई थी। इस मामले में पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि बदमाश दो दिन पूर्व बस स्टैंड पर राजेश कुमार के जन सेवा केंद्र पर पहुंचकर तीन बार में खाते में 62625 की धनराशि ट्रांसफर कराकर भाग गए थे।
शनिवार की रात चेकिंग के दौरान हाकमपुर तिराहे के पास से मनोत्तम त्यागी निवासी ग्राम देहरी गुर्जर और अंकुर त्यागी निवासी ग्राम चकिया जनपद मुरादाबाद को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से एक तमंचा, दो कारतूस, चाकू, दो मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड व घटना में प्रयुक्त फर्जी नंबर प्लेट लगी स्पार्क कार बरामद की गई। पूछताछ में दोनों ने जन सेवा केंद्र संचालक से धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देने की बात कबूल की।
14 मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं
रहरा थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों से की गई पूछताछ में सामने आया है कि वे इससे पूर्व भी कई जनपदों में जनसेवा केंद्रों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। पूर्व में जनपद नोएडा, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, संभल व मुरादाबाद में भी इस प्रकार की घटनाएं की हैं। इनके करीब 14 मुकदमें न्यायालय में विचाराधीन हैं। उन्होंने बताया कि बीते 13 अप्रैल को थाना धामपुर जनपद बिजनौर क्षेत्र के राजन जन सेवा केंद्र के संचालक राजन कुमार से 83175 रुपये ट्रांसफर कराने के बाद भाग गया था। इसके अलावा तीते 15 अगस्त को थाना रजबपुर क्षेत्र में जन सेवा केंद्र संचालक जगदीश पुत्र प्रसादी लाल के साथ भी ठगी की घटना को अंजाम दिया था।
मजबूरियां बता कर देते हैं वारदात को अंजाम
प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि जनसेवा केंद्रों पर जाकर अपनी मजबूरियां बताकर उसके खाते में अपने रिश्तेदार के खाते से रुपया मंगाकर नकद प्राप्त करने की बात पर उसका खाता नंबर ले लेते हैं। जनसेवा केंद्र पर अपने वाहन से जाकर फर्जी कागजों की गड्डी को दिखाते हुए अपने आप को वसूली एजेंट बताकर लोगों के साथ ठगी करते हैं।