यूपी के अमरोहा में 14 दिन पहले ऑटो चालक से लूटपाट की घटना का आदमपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। संभल के बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने उन्हें मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। बदमाशों के कब्जे से लूटा हुआ ऑटो, अवैध तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने चारों बदमाशों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ऑफिस में एएसपी राजीव कुमार सिंह ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि संभल जनपद के पतरिया जुनवाई निवासी आबिद से 29 सितंबर की रात बदमाशों ने ऑटो लूट लिया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर खुलासे के लिए एसओजी/सर्विलांस और थाना पुलिस को लगाया गया था। इस क्रम में बृहस्पतिवार को एसओजी/सर्विलांस टीम और थाना आदमपुर पुलिस आदमपुर सौधन मार्ग पर बैरयिर लगाकर चैकिंग कर रही थी। तभी एक ऑटो को रुकने का इशारा किया तो उसमें सवार आरोपी ऑटो छोडकर खेत की तरफ भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा किया तो आरोपियों ने जान से मारने की नियत से फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। तभी पुलिस ने घेराबंदी कर चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना नाम हरविलास यादव, सुनील, आशीष, मोहन बताया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
एएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि चारों बदमाश आपस में रिश्तेदार हैं। सभी बेरोजगार भी हैं। आरोपी हरिविलास यादव ई-रिक्शा चलाता है। पैसे कमाने के लिए गुन्नौर अड्डे पर चारों ने ऑटो को लूटने की योजना बनाई। योजना के अनुसार घटना वाली रात चारों ऑटो चालक आबिद के पास पहुंचे और गंवा जाने के लिए कहा। इसके बाद आबिद उन्हें गंवा तक छोड़ने के लिये तैयार हो गया। तभी हरिविलास, आशीष, मोहन ऑटो में बैठकर चल दिए। जबकि आरोपी सुनील हरिविलास की बाइक से निगरानी करता हुआ ऑटो के आगे पीछे चल रहा था। गंवा आने के बाद उन्होंने आबिद से ढ़ेकला जाने के लिए कहा तो वह तैयार नही हुआ। लेकिन ज्यादा पैसे देने का लालच दिया तो आबिद चलने के लिए तैयार हो गया।
इसके बाद रहरा गवां मार्ग पर सुनील ने बाइक ऑटो के आगे लाकर रोक दी और पीछे बैठे आशीष ने टेंपो में रखे जैक को आबिद के सिर में मार दिया। जिससे आबिद बेसुध हो गया। इसके बाद चारों ने मिलकर आबिद को टेंपो से उतारकर वहीं संडक के किनारे खाई में डाल दिया था। जबकि बदमाश हरिविलास और मोहन ऑटो लेकर चले गए और आशीष व सुनील बाइक पर सवार होकर संभल की तरफ से अपने घर चले गए थे। हरिविलास ऑटो को अपने घर ले गया था, जहां उसने सबको बताया कि ई-रिक्शा बेचकर उसने यह ऑटो खरीद लिया है।