जनपद में टीबी के मरीजों को ढूंढने के लिए दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। 07 अक्तूबर से शुरू हुआ यह अभियान 21 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें अब तक टीबी के 11 मरीज पाए गए।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुमताज अंसारी ने बताया कि जनपद में दस्तक अभियान के दौरान टीबी के मरीजों की भी पहचान की गई। 1 अक्तूबर से शुरू हुआ यह विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 31 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें 11 क्षय रोगियों की पुष्टि हुई है। अभियान को सफल बनाने के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है। टीबी मरीजों और कुपोषित बच्चों की सूची भी बनाई जा रही है। संभावित मरीजों के बलगम की जांच भी की गई है। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर परिवार के लोगों से खांसी, जुकाम, बुखार और बलगम में खून के बारे में पूछ रही हैं।
उन्होंने बताया कि 147 लोगों के बलगम की जांच की गई । इसमें 11 लोगों में टीबी पाई गई। सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है। जनपद में अब कुल 2715 टीबी के मरीज हैं और इन मरीजों को इलाज के दौरान बेहतर पोषण के लिए 500 रुपये प्रतिमाह बैंक खाते में दिए जाते हैं। वर्ष 2025 तक क्षय उन्मूलन का संकल्प लिया गया है। मरीजों को चिह्नित करने के बाद उन्हें इलाज के दौरान 500 रुपये प्रतिमाह पोषण के लिए मिलेगा। आशा सहित अन्य लोग जो टीबी मरीजों का पता लगाएंगे, उन्हें भी 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।