हसनपुर (अमरोहा)। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण मैदानी इलाकों में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा तेजी के साथ कटान कर रही है। हसनपुर तहसील क्षेत्र के बीस से अधिक गांव की फसलों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जबकि गांव गंगानगर की आबादी के कुछ हिस्से में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरे होने से धान, मक्का, बाजरा व गन्ने की फसल बाढ़ को नुकसान हो रहा है। पशुओं के लिए चारा लाने के लिए भी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के गांव खादर क्षेत्र के मोहमम्मदाबाद, कासमाबाद, पिलौती खुर्द, पिपलौती कला, सिरसा गुर्जर, गंगानगर, जयतोली, मेहरपुर, जेवड़ा, जल्लोपुर नानई, विरामपुर, कसाईपुरा, पथरा, बिहारीपुर, पोरारा, सिरसा कला, मलकपुर, मरोरा, मिर्जापुर, खाजेपुर जीवपुर, मुबारिजपुर, हाजीपुर सलारा आदि गांव में फसलें बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हर वर्ष गंगा का जलस्तर बढ़ जाने की वजह से यह परेशानी उत्पन्न होती है। पिछले वर्ष भी गन्ने की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ था। अधिक दिनों तक फसल में पानी भर जाने की वजह से गन्ने की पैदावार पर असर पढ़ता है। अब पिछले एक माह से फसलों में पानी भरा है। जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। उधर, गांव गंगानगर की आबादी के कुछ हिस्से में पानी घुस गया है। जिन लोगों ने गंगा के नजदीक घर बना रखे हैं। उनके घरों चारों तरफ से पानी ने घेर लिया है। जिससे ग्रामीणों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं के लिए चारा लाने के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को लगातार सतर्क कर रहे हैं। बाढ़ चौकियाें पर निगरानी के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों के अलावा तहसील से दो-दो लेखपालों की भी ड्यूटी लगाई हुई है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से किनारे के कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। लेकिन अभी कहीं पर भी आबादी तक पानी नहीं पहुंचा है। केवल गंगानगर में कुछ लोगों ने अपने घरों को आगे तक बना लिया है। थोड़ी सी परेशानी उन्हें हो सकती है। पुष्कर नाथ चौधरी, एसडीएम हसनपुर।