अमरोहा। चैत्र नवरात्र प्रारंभ हो गए हैं। शनिवार को मां भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री माता की पूजा अर्चना करने के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। विधि विधान के साथ आराधना की गई। घरों में कलश की स्थापना हुई। अखंड जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश स्थापना कर नवरात्र के मंदिरों में घंटों की ध्वनि और शंखनाद उपवास शुरू होने से मंदिर गूंज उठे। जयकारों से शहर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री माता पड़ा था। पार्वती और हेमवती के नाम से भी शैलपुत्री माता को जाना जाता है। माता की उपासना से भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते शनिवार को देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की पूजा अर्चना को भीड़ उमड़ी रही। शहर के प्रसिद्ध वासुदेव तीर्थ स्थल, बाबा गंगा नाथ मंदिर, चौरासी घंटेवाला मंदिर, दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। विधिविधान के साथ घरों में कलश स्थापना की गई। अखंड ज्योति चलाई गई। दुर्गा चालीसा का पाठ हुआ। मंदिरों में भी भजन कीर्तन और दुर्गा सप्तशती का पाठ हुआ। घंटों की ध्वनि, शंखनाद से मंदिर गूंज उठे। माता के जयकारों से शहर का वातावरण भक्तिमय हुआ। प्रथम नवरात्र के साथ ही उपवास शुरू हो गया है।